श्राद्ध में चावल से पिंड क्यों बनाये जाते हैं ?, जानिए पिंडदान में कुशा का क्या होता है महत्व

चावल के पिंड क्यों बनाए जाते हैं पिंडदान करते समय

दरअसल तासीर चावल की ठंडी होती है। यही वजह है कि चावल के पिंड पितरों को शीतलता प्रदान करने के लिए बनाते हैं। काफी लंबे समय तक चावल के गुण रहते हैं और संतुष्टि पितरों को लंबे समय तक मिलती हैं। हालांकि जौ, काले तिल इनको भी पिंड में बनाने में चावल के साथ इस्तेमाल करते हैं। पयास अन्‍न भी कहते हैं जो चावल के पिंड से बना होता है। पयास अन्‍न चावल और तरल से मिलकर बनता है। प्रथम भोग इसे माना गया है। 

कुशा क्यों पहनी जाती है श्राद्ध के समय उंगली में

शीतलता प्रदान करने के गुण कुशा और दूर्वा दोनों में होते हैं। घास को कुशा बहुत पवित्र मानते हैं। पवित्री भी इसे कहते हैं। इसी वजह से हाथ में कुशा श्राद्धकर्म करने से पहले पवित्रता के लिए धारण करते हैं। 

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