लघुकथा शोध केंद्र की बुरहानपुर इकाई की हुई स्थापना

बुरहानपुर - लघुकथा शोध केंद्र भोपाल की बुरहानपुर इकाई की स्थापना दिनांक 25 सितम्बर शनिवार दोपहर 3:00 बजे आई सेक्ट परिसर लालबाग में मुख्य अतिथि लघुकथा शोध केंद्र भोपाल की निर्देशक श्रीमती कांता राय की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
अपने उदबोधन में श्रीमती कांता राय ने कहा,-' हम ना केवल रचना लिखते रहें, बल्कि लिखी हुई रचनाओं पर चर्चा एवं समीक्षा होना भी  आवश्यक है और यही लघुकथा शोध केंद्र का का मूल उद्देश्य है।"

विशेष अतिथि लघुकथा शोध केंद्र खंडवा के संयोजक गोविंद शर्मा ने कहा -"लघुकथा आज के युग की आवश्यकता बन गई है इसका विस्तार एवं प्रसार ही शोध केंद्रों का दायित्व है।"
इस कार्यक्रम में उपन्यासकार संतोष परिहार को लघुकथा शोध केंद्र बुरहानपुर का संयोजक नियुक्त किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में संतोष परिहार ने कहा -"बुरहानपुर में लघुकथाओं का सृजन तीन दशकों से हो रहा है लघुकथा कारों की लघुकथा संग्रह प्रकाशित हुए है। नगर में लघुकथा की संभावना है ।आवश्यकता है नवोदित लघुकथा कारों को शोध केंद्र तक लाना।  संतोष परिहार ने अपनी माहौल और दूसरा दर्द लघुकथा का पाठ किया।
  कार्यक्रम संचालक करते हुए युवा साहित्यकार संदीप शर्मा निर्मल ने मां का कर्ज लघुकथा का पाठ किया ।नगर के चर्चित लघुकथा कार गजानन देशमुख" ने अपनी लघुकथा राजनीति " डॉ. शिव कुमार आचार्य ने नहीं लौट कर आया वापस
 "लघुकथा का पाठ किया। सुनंदा वानखेड़े ने करवा चौथ लघु कथा एवं श्रीमती राजश्री शर्मा ने अन्नपूर्णा लघुकथा का वातचन किया
  कार्यक्रम में जसपाल सलूजा वैभव घोडसे , नंदकिशोर जांगड़े एवं नगर के साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे कार्यक्रम का आभार डा.शिव आचार्य ने माना।

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