मध्य प्रदेश के 29 अधिकारी IAS-IPS कैडर में होंगे शामिल

भोपाल - मध्यप्रदेश में इस वर्ष जल्द ही राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अफसर आईएएस बनेंगे वहीं राज्य पुलिस सेवा के 11 अफसर आईपीएस बनेंगे। इनकी डीपीसी कराने के लिए  सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को प्रस्ताव भेज दिया है।

राज्य प्रशासनिक सेवा और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को पदोन्नत कर आईएएस और आईपीएस बनाने के लिए इस बार प्रस्ताव भेजे जाने में ही देरी हो गई है। जो प्रस्ताव फरवरी मार्च में भेज दिए जाते थे इस बार अब जाकर अगस्त में भेजे गए है। प्रस्ताव यूपीएससी में पहुंचने के बाद यूपीएससी इन पर डीपीसी की तिथियां घोषित करेगा। इसके बाद दिल्ली में डीपीसी होगी। यूपीएससी से डेट मिलने के बाद अगले माह डीपीसी होने की संभावना है।

राज्य पुलिस सेवा के 11 अधिकारी इस बार आईपीएस बनेंगे। इसके लिए तीन गुना अफसरों के नामों का प्रस्ताव भेजा गया है। अनिल मिश्रा और देवेद्र सिरोलिया को इस बार भी जांच के चलते मौका नहीं मिलेगा। वहीं 95-96 बैच के अधिकारी प्रकाश चंद्र परिहार, निश्चल झारिया, रसना ठाकुर, संतोष कोरी, जगदीश चंद्र डाबर, मनोहर सिंह मंडलोई, रामजी श्रीवास्तव, जितेन्द्र सिंह पवार, सुनील तिवारी, संजीव कुमार सिन्हा और संजीव कंचन के नाम शामिल है।

राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति के लिए इस बार 1994 से लेकर दो हजार बैच के  54 अफसरों के नामों पर विचार किया जाएगा। इनमें से 18 अधिकारी आईएएस बनेंगे। आईएएस बनने के लिए जो अफसर इस बार कतार में है उनमें 1994 बैच के विवेक सिंह,1995 बैच के पंकज शर्मा के अलावा, वरतमूर्ति मिश्रा, विनय निगम, सुधीर कोचर, रानी बाटड, चंद्रशेखर शुक्ला, त्रिभुवन नारायण सिंह, नारायण प्रसाद नामदेव, दिलीप कुमार कापसे,बुद्धेश बैद्य, जयेन्द्र कुमार विजयवत, अभय अरविंद बेड़ेकर, अजय देव,  नियाज अहमद खान, मनोज मालवीय, नीतू माथुर, अंजू  पवन भदोरिया और जमुना भिडे के नाम शामिल है।

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