इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू से मात्र 6 किलोमीटर दूर स्थित है टूरिस्ट प्लेस पातालपानी. यहां खूबसूरत झरना मानसून में लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बन जाता है. इसके चारों ओर हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है, जो इस जगह को और भी खूबसूरत बना देती है. यहां 300 मीटर की ऊंचाई से पानी झरने के रूप में गिरता है और बारिश के समय इस वॉटरफॉल का नजारा लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन जाता है.
गौरतलब है कि इस झरने की गहराई अभी तक नापी नहीं गई है. लेकिन, कहा जाता है कि कुंड का पानी पाताल तक जाता है इसलिए ही इसका नाम पातालपानी रखा गया है. खूबसूरत जगह होने के साथ-साथ इस झरने को सबसे खतरनाक भी माना जाता है.यहां जरा सी लापरवाही से किसी की जान तक जा सकती है.
वीकेंड और संडे को हजारों लोग इस झरने की खूबसूरती को निहारने पहुंचते हैं. वे यहां ट्रेकिंग और घुड़सवारी का भी मजा लेते हैं.
हेरिटेज ट्रेन का भी ले सकते हैं आनंद
घने जंगल, राजसी पहाड़ियां,साफ आसमान और हरे-भरे मैदानों से घिरा पातालपानी झरना पूरे बरसात के समय पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बना रहता है. हालांकि अभी कोरोना काल के समय इस झरने की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया था. लेकिन, अब कोरोना का खतरा कम होते ही फिर इसे खोल दिया गया है. इस दर्शनीय स्थल के लिए रेलवे ने हैरिटेज ट्रेन भी चला रखी है. इसमें सवार होकर लोग इस खूबसूरत नजारे का आनंद ले सकते हैं. इंदौर से पातालपानी की दूरी 32 किलोमीटर है, यही वजह है कि इंदौर से भी बड़ी संख्या में लोग हर हफ्ते यहां घूमने और यहां की शुद्ध आवोहवा का लाभ लेने पहुंच जाते हैं. हालांकि पातालपानी में कई हादसे भी अचानक होते हैं अतः सावधानी भी बेहद जरूरी है।