यदि आपको है नाखून चबाने की बुरी आदत तो हो जाइये सावधान : नाखून चबाने से हो सकती है ये खतरनाक बीमारियां

नाखून चबाना एक सामान्य आदत है। यह आदत व्यक्ति के नर्वस या तनाव में होने पर ज्यादा देखने को मिलती है।
दुनियाभर में 30 प्रतिशत आबादी नाखून चबाने की आदत से त्रस्‍त है. आइए जानते हैं इसके गंभीर नुकसान को -

नाखून से मुंह में बैक्टीरिया का स्थानांतरण -
नाखूनों की परत के नीचे नुकसानदायक स्टेफिलोकोकस नामक बैक्टीरिया होता है, जो चबाने पर मुंह के द्वारा आंतों में चला जाता है। जो आंतों 
के कैंसर जैसे रोग भी दे सकते हैं। इसलिए अपनी इस आदत बदलने की कोशिश करें।

नाखूनों में संक्रमण -
नाखून चबाने वाले लोगों में पैरोनिशिया से पीडि़त होने का जोखिम बहुत ज्यादा होता है। पैरोनिशिया एक त्वचा संक्रमण है जो नाखून के आसपास की त्वचा में होता है। नाखून चबाने से उनके आसपास की त्वचा की कोशिकाओं की भी क्षति होती है। इनके जरिए बैक्टीरिया और दूसरे कीटाणु त्वचा में प्रवेश करते हैं। शल्य प्रक्रिया से द्वारा इस समस्या का इलाज किया जा सकता है।

वार्ट्स – 
बहुत अधिक नाखून चबाने वाले लोगों में मानव पेपिलोमा वायरस या एचपीवी के कारण संक्रमण फैलने की आंशका बहुत अधिक होती है, जिससे नाखूनों पर गांठ बन जाती है। वार्ट्स एचपीवी के कारण होने वाली त्वचा की समस्या है। लेकिन यह समस्या शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में हाथों और पैरों को ज्यादा प्रभावित करती है।

दांतों की समस्याएं -
नाखून चबाने से नाखूनों की गंदगी दांतों तक पहुंचती रहती है जिससे दांत कमजोर होने लगते हैं अौर जल्द ही टूटने लगते है। दांत अपनी सही जगह से हटने लगते हैं, ऊबड़-खाबड़ हो जाते हैं, दांतों में दरारें आ सकतीं हैं।

मसूड़ों में दर्द -

कई बार नाखून के टुकड़े मुंह के अंदर रह जाते हैं और ये मसूडों में फंस जाते हैं और मसूड़ों से खून आने लगता है. इससे यहां दर्दनाक सूजन और संक्रमण और घाव भी हो सकता है।

पाचन तंत्र को करता है प्रभावित -

नाखून चबाने की आदत से अगर मुंह में किसी तरह का बैक्‍टेरियल इंफेक्शन हुआ तो यहां से बैक्‍टेरिया पेट तक पहुंच सकते हैं और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण हो सकता है. इसकी वजह से पेट में दर्द और दस्त की समस्या हो सकती है।

त्वचा पर घाव - 
जिन लोगों को नाखून चबाने की अादत होती है ज्यादातर लोग डर्मेटोफेजिया नाम की बीमारी के शिकार हो जाते हैं। इस बीमारी में त्वचा पर घाव बनने लगते हैं। यहां तक की इसके इंफेक्शन से नसों को भी नुकसान पहुंचता है जो जानलेवा बन सकता है।

तनाव का शिकार -
एक रिसर्च से ये बात सामने आई है कि जो लोग अधिक नाखून चबाते हैं वह तनाव का शिकार हो जाते है। जिसकी वजह से वह कई बार ऐसे कदम उठा लेते हैं जो उसके लिए और उनके परिवार के लिए दुखदाई होते है।

नाखूनों पर बुरा प्रभाव -
जब आप लंबे समय तक नाखून चबाते हैं, नाखून के अंदर के टिशू  खराब हो सकते हैं जो परमानेंट डैमेज कर सकता है. कई बार इस हैबिट की वजह से नाखून बढ़ना बंद हो जाते हैं.आपकी उंगलियां लाल पड़ जाती हैं और नाखून अंदर की ओर धंस जाते हैं। यह दर्द भी करते हैं।

गठिया या परमानेंट डिसैबिलिटी -

जब हम मुंह के अंदर लगातार नाखूनों ले जाते हैं तो पैरोनीशिया (Paronychia) जैसी कई बैक्‍टीरिया शरीर में जाकर आउट ऑफ कंट्रोल हो सकते हैं और हाथ पैर के ज्‍वाइंट्स को प्रभावित कर सकते हैं. इसे सेप्टिक अर्थराइटिस भी कहते हैं जिसका इलाज आसान नहीं है. यही नहीं, यह परमानेंट डिसैबिलिटी का कारण भी बन सकता है


Disclaimer : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे व सलाह सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।



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