अधिकतर घरों में सुबह के नाश्ते में ब्रैड खाई जाती है। खास करके बच्चों की तो ये फेवरिट होती है। बच्चे तो इस पर जैम लगाकर इसे स्कूल टिफिन में भी ले जाना काफी पसंद करते हैं। पर आपको ये जानकर दुख होगा कि ये मैदे से बनी ब्रैड को खाने के सेहत पर कितने बुरे असर पड़ते हैं।
● मैदा गेहूं से ही बनता है। जिस प्रकार आटे के लिए गेहूं को अच्छी तरह से साफ करना पड़ता है उसी तरह मैदे के लिए भी सबसे पहले गेहूं को अच्छी तरह से धो लिया जाता है। इसके बाद गेहूं की ऊपरी तह हटा ली जाती है। इसके बाद गेहूं को पीस लिया जाता है। पिसाई के बाद वाला पाउडर ही मैदा होता है। फिर इस मैदे में खमीर लगाकर ब्रैड बनाई जाती है तो वो शरीर के लिए और भी नुक्सानदायक हो जाती है।
स्वास्थ्य को ये होते हैं नुकसान -
● पाचन तंत्र कमज़ोर -
– किसी प्रकार का डाइट्री फाइबर न होने से मैदे से बनी ब्रैड पूरी तरह से पच नहीं पाती है। सही से न पचने के कारण इसका कुछ हिस्सा आंतों में ही चिपक जाता है और कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके सेवन से अक्सर कब्ज की समस्या हो जाती है।
● भूख नहीं लगती -
– मैदे की बनी ब्रैड से पेट में काफी देर तक भारीपन बना रहता है। इसका रोज सेवन करने से भूख न लगने की परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।
● मोटापा बढ़ता है -
मैदे कि ब्रेड में अत्यधिक मात्रा में स्टार्च होता है, जिसके सेवन से मोटापा की संभावना बढ जाती है और धीरे धीरे बैड कलेस्ट्रॉल और ब्लड में ट्राइग्लीसराइड का स्तर भी बढ़ने लगता है. ऐसे में अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं और कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ाना चाहते तो मैदा खानें से बचें.
● ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है
मैदे से बनी ब्रेड खाने से ब्लड शुगर लेवल तेज़ी से बढ़ता है, जिसकी वजह से खून में ग्लूकोज़ जमने लगता है. जो शरीर में केमिकल रिएक्शन्स को पैदा करता है. जिससे कैटरैक्ट से ले कर गठिया और हार्ट की बीमारियां होने का खतरा मंडराने लगता है.
● हड्डियां होती हैं कमजोर
मैदे को आटे से बनाया जाता है, लेकिन मैदा बनाने के प्रोसेस में आटे का सारा प्रोटीन नष्ट हो जाता है. जिसकी वजह से ये एसिडिक बन जाता है, जो हड्डियों से कैल्शियम को खींचकर हड्डियों को कमजोर करने का काम करता है.
● आंतों में सूजन-
एक रिसर्च के मुताबिक, अनाज में पाया जाने वाला लेक्टिन आंत की परस में सूजन का कारण बनता है. जब आप मैदा खाते हैं तो उसमें से 80 प्रतिशत फाइबर खत्म होता है और शरीर को फाइबर नहीं मिलने से शरीर से कार्बोहाइड्रेट तेजी से रिलीज होता है जिसकी वजह से आंतों में सूजन आती है और शरीर की गंदगी साफ नहीं हो पाती है.
Disclaimer : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे व सलाह सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।