अगर आप भी इयरफ़ोन का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं तो हो जाएँ सावधान : इन 15 बीमारियों के बढ़ने की है 100 प्रतिशत संभावना


क्या आप भी हेडफोन लगा कर गाने सुनते है? यदि हां तो सावधान हो जाईयें, यह आपके लिए बहुत खतरनाक हो सकता हैं। क्योंकि यह ना केवल आपके कानों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि आपके दिमाग और शरीर को भी कई तरह से नुकसान पहुंचाता है। 

इयरफ़ोन के इस्तेमाल से होते हैं ये नुकसान:

बहरापन
अधिक हेडफोन का प्रयोग करने से लोगों में कम सुनाई देने का समस्या उत्पन्न हो जाती हैं। लगभग सभी हेडफ़ोन आपके कानों को उच्च-डेसिबल ध्वनि तरंगों को निकालते हैं जो कि आपके कानों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि आप उच्च वॉल्यूम पर संगीत सुनते हैं जो 90 डेसिबल के बराबर या अधिक है तो यह आपके कानों की सुनने की क्षमता को ख़त्म कर सकता है जो कि बहरापन का कारण बन सकता हैं। 

दिल की बीमारी -

तेज अवाज में गाने सुनने से हार्ट बीट तेज हो जाती है और वह नॉर्मल स्पीड से तेज चलने लगती है। इससे दिल को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, कैंसर होने के भी चांस बढ़ जाते हैं।


कान का संक्रमण -
अगर आप ऑफिस या घर पर गाने सुनते समय एक दूसरे के साथ अपने ईयरफोन शेयर करते हैं, तो ऐसा करने से बचें. ऐसा करने से आपके कान में इंफेक्‍शन का खतरा बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है. 

सिर दर्द व ​नींद न आना -
हेडफोन और ईयरफोन से निकलने वाली तरंगों से ब्रेन पर बुरा असर पड़ता है। यही वजह है कि ईयरफोन के अधिक प्रयोग से आपको सिर दर्द या नींद न आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

कान के पर्दे पर बुरा असर -
तेज आवाज़ के बार-बार उपयोग से कान के पर्दा लगातार वाईब्रेट होता है, जिससे कान के पर्दे के फटने का भी खतरा बढ़ जाता है।

कान का सुन्न होना -
लंबे समय के लिए कान में इयरफोन लगाकर गाने सुनने से हमारे कान सुन्न भी हो सकते हैं। इसी के साथ हम अपने सुनने की शक्ति भी धीरे-धीरे कम हो जाती है। अगर आप इन संकेतों को अनदेखा करती हैं, तो ऐसे में आप हमेशा के लिए अपनी सुनने की शक्ति को भी खो सकती हैं

मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव -
आपके हेडफोन से निकलने वाली विद्युत चुम्बकीय तरंगे, आपके मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं। चूंकि इयरफोन आपके कान के भीतरी भाग से जुड़ा होता है, जिससे हमारे मस्तिष्क को काफी गंभीर क्षति पहुंचती है।

बाहरी नुकसान -
इयरफोन का काफी ज्यादा इस्तेमाल करने से आप आसानी से पूरी दुनिया से डिसकनेक्ट हो सकते हैं। आजकल होने वाली कई दुर्घटनाएं संगीत सुनने के कारण ही होती है। इसलिए विशेष रूप से सड़क के आस-पास और बाहर जाते समय कभी भी इयरफोन का इस्तेमाल न करें।

कान में दर्द - 
लंबे समय तक कानों में ईयरफोन लगाने से कानों में दर्द हो सकता हैं। कानों में दर्द का कारण कान में ईयरफोन की खराब फिटिंग हो सकती है। खराब फिटिंग हेडसेट के कारण होने वाला यह दर्द आंतरिक कान तक बढ़ सकता है। 

हवा का पास ना होना -
हेडफोन पर अधिक गाने सुनने से आपके कान में हवा पास नहीं हो पाती है, जिसके कारण संक्रमण होने का खतरा अधिक हो जाता है।यदि आप कई घंटों के लिए इन इयरफ़ोन का उपयोग कर रहें है तो आप वायु नलिका में हवा के प्रवाह को प्रतिबंधित कर रहे हैं और यह कान के संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील होता है।


टिनिटस बीमारी -
कान में शोर होना एक प्रकार की बीमारी है जिसको टिनिटस (Tinnitus) कहा जाता हैं। यह ज्यादातर अत्यधिक तेज शोर के संपर्क में आने के कारण होता है, इसके कारण आपको ऐसा प्रतीत होता है जैसे कि आपके कान बज रहें हों या कान गूंज रहें हों। कोक्लीअ (cochlea) जो कि कान का एक भीतरी हिस्सा है, यह तेज ध्वनि के कारण आपके बालों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।

चक्कर आना - 
चक्कर आना आना भी हेडफोन अधिक प्रयोग करना का एक दुष्प्रभाव है। हेडफोन से तेज आवाज आने के कारण कान नहर (ear canal) में बढ़ते दबाव बढ़ता है जिसके कारण चक्कर भी आ सकते है।

तनाव और चिंता में वृद्धि -
मनोवैज्ञानिक तनाव और चिंता में वृद्धि  शोर के वातावरण में रहने वाले लोगों में आधिक पाईं जाती है। हेडफोन एक व्यक्ति के सामाजिक जीवन, मानसिक स्वास्थ्य और अच्छे स्तरों पर प्रदर्शन करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है

फोकस करने में कमी -
संगीत सुनने के दौरान हेडफ़ोन का अत्यधिक उपयोग अक्सर फ़ोकस को बदल देता है। इससे किसी भी समय आपके प्रोफेशनल लाइफ में बाधा आ सकती है। अध्ययनों से संकेत मिलता है कि शोर-शराबे वाले वातावरण के संपर्क में आने वाले बच्चों का मानकीकृत परीक्षणों पर कम मूल्यांकन स्कोर होता है।

हाइपरक्युसिस रोग -
अधिक हेडफोन का प्रयोग करने से हाइपराक्युसिस जैसे रोग भी हो सकते हैं। हाइपराक्युसिस जैसी समस्या आपके सामान्य पर्यावरणीय ध्वनियों की संवेदनशीलता को बढ़ा देती है। आज 63 प्रतिशत टिनिटस रोगियों में से भी हाइपरकेसिस से पीड़ित हैं।

Disclaimer : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे व सलाह सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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