रेमेडीसिविर का ना करें इस्तेमाल -
सरकार ने कोरोना वायरस से संक्रमित बच्चों में रेमेडीसिविर के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए एक समग्र दिशा निर्देश जारी किया है।
इस दिशा-निर्देश में बच्चों में रेमेडीसिविर दवा के आपातकालीन उपयोग का सुझाव नहीं दिया गया है।
महानिदेशालय ने कहा है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में रेमेडीसिविर दवा के उपयोग से संबंधित सुरक्षा और इसके सकारात्मक प्रभाव से जुड़े पर्याप्त आंकड़े मौजूद नहीं हैं।
स्टीरॉयड देने से बचें -
बच्चों में कोरोना के बिना लक्षण वाले और माइल्ड केस में स्टीरॉयड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. गंभीर केस में सिर्फ अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है. बच्चे की तबीयत ज्यादा नाजुक होने पर ही कड़ी निगरानी में स्टीरॉयड देना चाहिए. ध्यान रखना है कि सही वक्त पर सही डोज और उचित समय तक ही स्टीरॉयड (steroids) दिया जाए. Dexamethasone (ज्यादा से ज्यादा 6mg) दिन में दो बार और 5-14 दिनों के भीतर रोजाना डॉक्टर के सुझाव के आधार पर दिया जा सकता है. अगर Dexamethasone न हो तभी methylprednisolone का प्रयोग करें. एंटी कोग्यूलेंट्स ( Blood thinner) जरूरत के हिसाब से व बच्चों में कोरोना वायरस से जुड़ी बीमारी मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम की सूरत में ही प्रयोग में लाना चाहिए.
यह भी कहा गया है कि बिना लक्षण वाले और हल्के लक्षण वाले बच्चों के लैब परीक्षण कराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे परीक्षण की आवश्यकता मध्यम या गंभीर मामलों में ही है।
बच्चों में ऐसी जांच तभी करने की सलाह दी गई है जब मरीज पर संक्रमण का प्रभाव मध्यम से गंभीर हो और स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही हो।
5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मास्क पहनने की भी आवश्यकता नहीं है।