शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद है ये 5 प्रकार के आटे : क्या आप जानते हैं ?

डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान में आटे का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्हें गेंहू के आटे की जगह दूसरे अन्य आटे का चुनाव करना चाहिए। इससे उनका शुगर के लेवल को कंट्रोल होने में मदद मिलती है।

जौ का आटा -

जौ के आटे में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे विटामिन, फाइबर और मैग्नीशियम आदि। जौ के आटे में मौजूद फेलोलिक्स और बीटा-ग्लूकेन ब्लड में शुगर कम करने के लिए लाभकारी माना जाता है। तो ऐसे में जौ का आटा इंसुलिन के निमार्ण के कारकों में मदद करता है। जौ के आटे में प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाये जाते हैं। 
इसके सेवन से डायबिटीज के अलावा ब्लड प्रेशर, हार्ट और मोटापा जैसी कई समस्याओं में फायदा होता है। यह शरीर में रोग प्रतिरोधिक क्षमता को भी बढ़ाता है। जौ के आटे का सत्तु या रोटी कई रूपों में सेवन किया जा सकता है।

कुट्टू का आटा -

डायबिटीज वालो के लिए कुट्टू का आटा एक अच्छा विकल्प है।  डायबिटीज के अलावा यह ब्लड प्रेशर और अस्थमा जैसे कई रोगों में फायदेमंद है। 
इसके सेवन से शरीर में इंसुलिन का स्तर कंट्राेल में रहता है। इसमें प्रोटीन, मैग्नीशियम, फाइबर और आयरन जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके सेवन से पाचन तंत्र भी अच्छा बना रहता है, इसके अलावा यह वेट लॉस में भी काफी प्रभावकारी है।

रागी का आटा -

रागी के आटे में पॉलीफेनोल और फाइबर की उच्च मात्रा होती है। इसके अलावा रागी में फाइटोकेमिकल्स भी मौजूद है, जो खाना पचाने की प्रक्रिया को धीमा करने के साथ इंसुलिन के निमार्ण में भी सहायक है। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मिथियोनिन और ट्रिपटोफैन आदि पाया जाता है। फाइबर के गुणों से भरपूर रागी का आटा डायबिटीज के साथ ही यह पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा माना जाता है।

बेसन का आटा -

बेसन के आटे को डायबिटीज वालो के लिए वरदान कह सकते हैं। डायबिटीज के रोगियों का शरीर काफी कमजोर हो चुका होता है। इसमें प्रोटीन की भी उच्च मात्रा पायी जाती है। यह डायबिटीज के अलावा हार्ट की प्रॉब्ल्म, एनीमिया और ब्लड प्रेशर जैसे कई रोगों को दूर करती है। इसके अलावा जैसा कि बेसन में प्रोटीन अधिक होता है, तो इसमें लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है,इसीलिए वेट लॉस कर रहे लोगों के लिए भी यह फायदेमंद है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण यह देर से ब्लड में पहुंचती है और शुगर का स्तर तेजी से बढ़ता नहीं है।

राजगिरा का आटा -

रिसर्च में पता चला है कि राजगिरा और राजगिरा के तेल का सप्लीमेंट एंटीऑक्सीडेंट थेरेपी के रूप में काम कर सकता है, जो हाइपरग्लाइसीमिया (हाई ब्लड शुगर) को ठीक करने और मधुमेह के जोखिम को रोकने में फायदेमंद साबित हो सकता है।

डायबिटीज के रोगियों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि इनमें से किसी आटे के सेवन को आपको किसी प्रकार की एलर्जी है, तो आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिये।



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