ट्रेन में यात्रा करने वाले अब सावधान हो जाएं. यात्रा के दौरान अगर किसी को रेलवे द्वारा प्रतिबंधित चीजों के साथ पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लग सकता है. साथ ही उसे 3 साल तक के लिए जेल भी हो सकती है.
इन चीजों पर है प्रतिबंध
रेलवे के अनुसार, ट्रेन के डिब्बे में केरोसिन, सूखी घास, स्टोव, पेट्रोल ले जाना मना है. वहीं मिट्टी का तेल, गैस सिलेंडर, पटाखे या आग फैलाने वाली कोई दूसरी ज्वलनशील वस्तुओं को लेकर यात्रा न करने की सख्त चेतावनी दी गई है.
कानूनी कार्रवाई के साथ हो सकती है जेल
रेलवे के नियमानुसार ट्रेन में यात्रा के दौरान यात्री ज्वलनशील सामग्री न लेकर न चलें और न ही किसी को ले जाने दें. ऐसा किए जाने पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जेल भी हो सकती है.
ट्रेन में आग फैलाने या ज्वलनशील वस्तुएं ले जाना रेल अधिनियम, 1989 की धारा 164 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, जिसके लिए पकड़े गए व्यक्ति को 3 साल तक की कैद या 1 रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों सजाएं हो सकती हैं.
धूम्रपान भी है प्रतिबंधित -
इतना ही नहीं, आग की घटनाओं को कंट्रोल करने के लिए रेलवे द्वारा बनाई गई योजना के तहत अगर कोई ट्रेन में स्मोकिंग करता पकड़ा जाएगा तो उसे जेल भी हो सकती है. इसके अलावा जुर्माना भी चुकाना पड़ सकता है. रेलवे परिसर में सिगरेट या बीड़ी पीना भी दंडनीय अपराध है. ऐसा करते हुए पाए जाने पर यात्रियों पर 200 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.