पिछले साल बुरहानपुर रेल्वे स्टेशन पर पैदा हुए बच्चे का नाम लॉक डाउन यादव सुर्खियों में आया था जिसकी चर्चा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी की थी। उसके बाद बैतूल के चिंचोली गांव में एक प्राचीन मंदिर का नाम ही "कोरोना महादेव मंदिर" रख दिया गया।
सोशल मीडिया पर मंदिर की तस्वीरें खूब घूम रही हैं। जिनमें कोरोना माता की मूर्ति मास्क लगाए नजर आ रही है। साथ ही मंदिर की दीवार पर लिखा है विश्व का एकमात्र कोरोना माता मंदिर।
गांव के लोगों ने जुटाया धन
स्थानीय मीडिया के अनुसार, मंदिर की स्थापना के लिए गांव के लोगों ने धन जुटाया। न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक ग्रामीण के हवाले से बताया है कि ग्रामीणों ने इस विश्वास के साथ मंदिर की स्थापना की है कि देवता के रूप में पूजने से कोविड-19 से पीड़ित लोगों को राहत मिलेगी।
मंदिर पर लिखी है चेतावनी
हालांकि यहां पर सभी कोविड प्रोटोकॉल ताक पर रख दिए गए हैं। मंदिर में लोगों की भीड़ रहती है। प्रार्थना करने और पुजारी से प्रसाद ग्रहण करने के दौरान कोविड नियमों की अनदेखी की जाती है। यह तब है जब मंदिर पर चेतावनी लिखी है। जिसमें लिखा है, 'कृपया दर्शन से पूर्व मास्क लगाएं, हाथ धोएं एवं दूर से ही दर्शन कीजिए...।