बुरहानपुर/16 जून, 2021/- मध्य प्रदेश राज्य मध्य प्रदेश नदीय मत्स्योद्योग नियम 1972 की धारा 3 (2) के अंतर्गत 16 जून से 15 अगस्त की अवधि को मत्स्य प्रजनन काल होने से बंद ऋतु घोषित किया गया है।
इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री प्रवीण सिंह के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश शासन मछली पालन के ज्ञापन दिनांक 23 जुलाई, 1987 के अनुसार छोटे तालाब स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नही है और उन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा के अंतर्गत नहीं लाया गया है को छोड़कर समस्त नदीयों एवं जलाशयों में बंद ऋतु में मत्स्याखेट पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगा।
उपरोक्त नियमों के उल्लंघन पर मध्य प्रदेश मत्स्य क्षेत्र (संशोधन) अधिनियम 1981 की धारा 5 के तहत उल्लंघनकर्ता को 1 वर्ष का कारावास अथवा 5 हजार का जुर्माना या दोनों से दण्डित किये जाने का प्रावधान है। कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए अवैधानिक मत्स्याखेट से जप्त की गई मत्स्य का परिवहन अनुज्ञा पत्र केवल मत्स्य कियोस्क दर्यापुर एवं इंदिरा कॉलोनी में विक्रय हेतु जारी किया जायेगा।
जिसमें विभाग द्वारा जारी निर्देशों के साथ कोविड हेतु जारी शर्तो यथा मास्क पहनना, सोशल डिस्टेसिंग के शर्ताधीन होगा। इस अधिसूचना के माध्यम से सर्व संबंधित व मत्स्यजीवियों को सूचित किया जाता है कि वे इस अवधि में किसी भी प्रकार मत्स्याखेट/क्रय-विक्रय/परिवहन ना करें, और ना ही ऐसे कार्य में किसी अन्य को सहयोग दे अन्यथा की स्थिति में उल्लंघन कर्ता के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
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