● उम्र : 45 साल से ज्यादा के पुरुष और 55 साल से ज्यादा की महिलाओं में हार्ट अटैक (Heart Attack) की आशंका युवाओं के मुकाबले ज्यादा होती है।
● तंबाकू : धूम्रपान या लंबे समय तक पैसिव स्मोकिंग से हार्ट अटैक की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
● हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) : हाई ब्लड प्रेशर की वजह से धमनियों में एथेरोस्क्लेरोसिस (एक रोग जिसमें धमनियों के अंदर प्लाक जमने लगता है) तेजी से होने लगता है, जिससे उसे अंदर से नुकसान पहुंचने लगता है।
● खून में एलडीएल यानी बुरा कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से भी उनमें अंदर से रूकावट आने लगती है। वहीं हमारी डाइट से जुड़ा हुए ब्लड फैट जैसे ट्रायग्लिसराइड धमनियों के अंदर रूकावट पैदा कर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देते हैं।
● अनुवांशिक कारण : अगर आपके परिवार में भाई-बहन, माता-पिता को कम उम्र में हार्ट अटैक आया हो तो आप में भी इसका खतरा बढ़ जाता है।
● गतिहीन होना : एक ही जगह बैठे रहने और फिजिकल एक्टिविटी के न होने से मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। जो लोग नियमित व्यायम करते हैं उनका हृदय स्वस्थ रहता है।
● मोटापा : मोटापे का सीधा संबंध कोलेस्ट्रॉल के स्तर से है। इसकी वजह से ट्रायग्लिसराइड, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज का स्तर बढ़ता है, जो खतरनाक है।
● चिंता : कहते हैं चिंता चिता के समान है।इसकी वजह से हमें कई बीमारियां घेर लेती हैं जिसके कारण दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
