एल्कोहल इनटॉक्सिकेशन एक अस्थायी समस्या है। इसमें शारीरिक उपचार से ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। एल्कोहल इनटॉक्सिकेशन होने पर सबसे पहले डॉक्टर को दिखाना चाहिए। वो तुरंत उपचार शुरू कर देगा और खतरे को कम करने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति की जितनी अच्छी देखभाल होगी उतनी उसे मदद मिलेगी। कुछ उपचार घर पर ही किए जा सकते हैं।
● अगर मरीज बेहोश है तो ये ध्यान देना चाहिए कि कहीं उल्टी से उनका गला चोक ना हो जाए।
● अगर मरीज होश में है तो उसे आराम से लेटे रहने देना चाहिए और डॉक्टर को घर पर ही बुलाना चाहिए।
● अगर वो कुछ खाने-पीने में सक्षम है तो उसे पानी पिलाने की कोशिश करें। इससे उसे राहत मिलेगी।
अक्सर ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति नशे में है तो उसे सोने से, ठंडे पानी से नहाने से, ब्लैक कॉफी पिलाने से और टहलने से राहत मिलती है। लेकिन ये सब सिर्फ मिथक हैं। ये चीजें करने से व्यक्ति को और ज्यादा समस्या हो सकती है।
● ज्यादा समस्या होने पर तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।
इसके अलावा कुछ अन्य सावधानियां भी बरतनी चाहिए। जो इस प्रकार हैं:
● लक्षणों को ध्यान में रखकर ही मरीज की देखभाल की जानी चाहिए।
● अगर श्वास नली में चोक की समस्या हो तो श्वास नली द्वारा वायुमार्ग को खोलने की कोशिश करें।
● ऑक्सीजन थेरेपी दें।
● डिहाईड्रेशन को रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ दें।
● जटिलताओं को रोकने के लिए विटामिन और ग्लूकोज दें।
● एक कैथेटर फिट करें। जो मूत्र को एक बैग में निकाल सकें। जिससे वे खुद को गीला ना कर सकें।
● शराब को शरीर से निकालने के लिए पेट को दबाएं।
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