बीड़ी सस्ती होने के कारण ग्रामीण इलाकों में ज्यादा पी जाती है। यही वजह है कि नॉर्थ-ईस्ट इलाके में देश में सबसे ज्यादा लंग्स, ब्रेन और नेक कैंसर के मरीज हैं।
◆ बीड़ी के धुएं में सिगरेट के धुएं के मुकाबले निकोटीन की तीन से पांच गुना अधिक मात्रा होती है।
◆ एक बीड़ी में नियमित सिगरेट की तुलना में अधिक टार और कार्बन मोनोऑक्साइड होता है।
◆ बीड़ी में सिगरेट की तरह कोई लाइनिंग या फिल्टर नहीं होती है, जिसके कारण ज्यादा धुआं शरीर के अंदर जाता है, जबकि सिगरेट में फिल्टर होने की वजह से धुएं कम मात्रा में शरीर के अंदर जाता है।
◆ बीड़ी में किसी तरह की कवरिंग भी नहीं होती है।
◆ बीड़ी पीने के लिए सिगरेट के मुकाबले सांस खीचने में अधिक जोर लगाना पड़ता है। जिसके परिणामस्वरूप पारंपरिक सिगरेट की तुलना में बीड़ी पीने से अधिक मात्रा में विषाक्त पदार्थों सांस में घुलते हैं।
◆ नियमित सिगरेट का 9 कश बीड़ी के लगभग 28 कश के बराबर होता है।
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