क्या है एंजियोप्लास्टी- एंजियोप्लास्टी एक ऐसी सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें हृदय की मांसपेशियों तक ब्लड सप्लाई करने वाली रक्त वाहिकाओं को खोला जाता है. मेडिकल भाषा में इन रक्त वाहिकाओं को कोरोनरी आर्टरीज़ कहते हैं. डॉक्टर अक्सर दिल का दौरा या स्ट्रोक जैसी समस्याओं के बाद एंजियोप्लास्टी का सहारा लेते हैं.
एंजियोप्लास्टी तीन प्रकार की होती है. बैलून एंजियोप्लास्टी, लेजर एंजियोप्लास्टी और एथरेक्टॉमी एंजियोप्लास्टी.
बैलून एंजियोप्लास्टी- बैलून एंजियोप्लास्टी के दौरान कैथेटर नाम की एक पतली सी ट्यूब को बांह या जांघ के पास हल्का सा चीरा लगाकर उसे ब्लॉक हो चुकी धमनी में डाला जाता है. डॉक्टर एक्स-रे या वीडियो की मदद से वाहिकाओं में जाने वाली ट्यूब को मॉनिटर करते हैं. कैथेटर के धमनी में पहुंचने के बाद उसे फुलाया जाता है. ये बैलून प्लाक को दबाकर चपटा कर देता है, जिससे धमनी चौड़ी हो जोती है और मरीज का ब्लड सर्कुलेशन फिर से ठीक हो जाता है.
लेजर एंजियोप्लास्टी और एथरेक्टॉमी- लेजर एंजियोप्लास्टी में भी कैथेटर का प्रयोग किया जाता है, लेकिन इसमें बैलून की जगह लेजर की मदद ली जाती है. इसमें लेजर को प्लाक तक लेकर जाते हैं और फिर बंद पड़ी धमनी को वेपराइज कर खोलने की कोशिश की जाती है. जबकि एथरेक्टॉमी का इस्तेमाल उस वक्त किया जाता है, जब बैलून या लेजर एंजियोप्लास्टी से भी किसी सख्त प्लाक को न हटाया जा सके.
●डॉक्टर की सलाह पर मेडिकेशन लेते रहें.
●अगर धूम्रपान के आदी हैं तो इसे छोड़ देने में ही भलाई है.
●एक अच्छी और बैलेंस डाइट फॉलो करना जरूरी है.
●ब्लड प्रेशर और कॉलेस्ट्रोल लेवल को घटाने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करनी चाहिए.
