अधिक कैलोरीज का सेवन - उम्र बढ़ने के साथ आदमी के शरीर के पोषक तत्वों की जरूरत भी अलग हो जाती है। लेकिन एक आम धारणा के मुताबिक लोग उम्र बढ़ने के बाद भी वही भोजन लेते रहते हैं जो भोजन बचपन और युवावस्था से लेते आ रहे हैं। उम्र बढ़ने के साथ भोजन में कैलोरीज की जरूरत भी भिन्न हो जाती है। ऐसे में शरीर में कैलोरीज बढ़ने और उसके खपत न होने पर वो शरीर के अंगों में चर्बी के रूप में जमा हो जाते हैं।
गलत पोश्चर में बैठना - अगर आप लंबे समय तक बैठे रहने वाला काम करते हैं या काम करते समय कंधे झुकाकर बैठते हैं, तो आपके पेट की मांसपेशियां बाहर की तरफ बढ़ने लगती हैं। गलत पोश्चर की वजह से पेट पर चर्बी इकट्ठा होती है।
थायरॉइड की समस्या - हाइपोथायरायडिज्म भी एक ऐसी समस्या है, जिसके कारण वजन बढ़ सकता है। आमतौर पर थायरॉइड के कारण महिलाओं में वजन बढ़ने की समस्या देखी जाती है।
तनाव और नींद की कमी - नींद की कमी और तनाव लेने से कई बार असमय भूख लगती है और आप ओवरईटिंग का शिकार होते हैं। इससे डेली रूटीन खराब होता है जिसका पाचनतंत्र पर भी बुरा असर पड़ता है।
सुबह का नाश्ता देर से करना या छोड़ देना - अगर आप सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं, तो इससे आपका मेटाबॉलिज्म स्लो होता है। सुबह नाश्ता न करने से रात के खाने और दोपहर के खाने में काफी लंबा गैप हो जाता है, जिसके कारण ब्लड शुगर अनियंत्रित होता है और मेटाबॉलिज्म स्लो होता है। इसलिए सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें।
ज्यादा कॉफी पीना - अगर आप दिन में कई बार कई कप कॉफी पीते हैं, तो इसके कारण भी आपका वजन बढ़ सकता है। खासकर दूध और चीनी वाली कॉफी पीने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
हर समय खाते रहना - कुछ लोगों की आदत होती है कि वो दिनभर कुछ न कुछ खाते रहते हैं। आप हेल्दी चीजें भी खा रहे हैं, तो भी आपको दिनभर नहीं खाते रहना चाहिए।
कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन - कार्बोहाईड्रेट्स शरीर में जाने पर बहुत जल्दी ब्लड ग्लूकोज के स्तर बढ़ाते हैं। लेकिन ये कार्ब्स कॉम्प्लेक्स होने चाहिए। कॉम्प्लेक्स कार्ब्स के अच्छे स्रोत अनाज होते हैं। वहीं मैदा और दूसरे रिफाइंड अनाज नुकसानदायक कार्ब्स में गिने जाते हैं।
मेटाबॉलिज्म धीरे होना - बहुत सारे लोगों का मेटाबॉलिज्म समय के साथ कमजोर हो जाता है। मेटाबॉलिज्म तेज होगा तो शरीर ज्यादा कैलोरीज बर्न करेगा। यही कारण है कि अक्सर मेनोपॉज के बाद महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है।