सर्दी के मौसम में थायराइड रोगियों को किस तरह रखना चाहिए अपनी सेहत का ध्यान, जानें 5 महत्वपूर्ण टिप्स


सर्दियां आते ही थायराइड मरीजों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। आपको शायद पता हो कि थायरॉइड ग्रंथि ही हमारे शरीर में तापमान को नियंत्रित करती है। ऐसे में अगर बाहर का तापमान बहुत कम है, तो शरीर को गर्म रखने के लिए थायराइड ग्रंथि को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही कारण है कि ठंड के मौसम में सामान्य लोगों का भी मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और वजन बढ़ता है। लेकिन थायराइड मरीजों के लिए ये मौसम और भी कई परेशानियां ला सकता है। इसलिए थायराइड रोगियों को सर्दियों के लिए विशेष रूप से तैयार रहना चाहिए और कुछ खास टिप्स का ध्यान रखना चाहिए, जिससे उन्हें परेशानी न हो और वो स्वस्थ रह सकें। आइए आपको बताते हैं ऐसी ही 5 बातें, जो सर्दियों में थायराइड मरीजों को जरूर याद रखनी चाहिए।

क्या है थायरॉइड?

व्यक्ति के गले में तितली के आकार की थायरॉइड ग्रंथि होती हैं जो दो तरह के थायरॉइड हार्मोन टी 3 और टी 4 से बनाती हैं। ये ग्रंथि और इसके द्वारा बनाए गए हार्मोन्स के कारण शरीर के कई बॉडी फंक्शन्स निंयत्रित होते हैं जैसे पाचन, नींद, लीवर, शरीर का तापमान इत्यादि। इसके दो प्रकार होते हैं हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म। आमतौर पर सबसे ज्यादा मरीज हाइपोथायरायडिज्म के देखे जाते हैं।

हाइपोथायरायडिज्म में लोगों को सुस्ती और ठंड लगती है। पीड़ित रोगियों का वजन बढ़ने लगता है और भूख कम लगती है। इसके साथ ही हाथ-पांव में सूजन आ जाती है। ऐसी स्थिति के कारण हार्मोन का असंतुलन शरीर पर कई दुष्प्रभाव डालता है। शुरू में इसके लक्षण पता नहीं चलते, लेकिन बाद में ये बड़ी समस्या बन जाती है। अगर समय पर इसका इलाज ना कराया जाए या बिना इलाज के छोड़ दिया जाए तो यह ह्दय रोग, भारी वजन बढ़ने जैसी परेशानियां पैदा कर सकती है। आगे जानते हैं कि थायराइड के मरीजों को सर्दियों में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. हार्मोन के स्तर की जांच कराएं - 

थायराइड रोगियों को हर 3 से 4 महीने में अपने हार्मोन लेवल की जांच करवानी चाहिए। मौसम में बदलाव का असर हार्मोन्स पर भी पड़ता है। देखा गया है कि सर्दियों के समय थायराइड रोगियों में हार्मोन्स असंतुलित होने की समस्या बढ़ जाती है, इसलिए सर्दियों में आपको थायराइड लेवल चेक कराते रहना चाहिए। समस्या बढ़ने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

2. शरीर में गर्मी बढ़ाने वाले फूड्स खाएं -

ठंड के मौसम में लोगों को अपने शरीर को गर्म रखने की जरूरत होती है, इसलिए ऐसे में लोगों को अपने खाने में थर्मोजेनिक खाद्य पदार्थों (शरीर में गर्मी बढ़ाने वाले फूड्स) को शामिल करना चाहिए। ये खाद्य पदार्थ शरीर में गर्मी पैदा करते हैं और आसानी से पच जाते हैं। जैसे गर्म मसाले, एवोकैडो, घर पर तैयार किया हुआ मक्खन आदि। ध्यान रखें सर्दियों के मौसम में पत्ता गोभी और फूल गोभी खूब आने लगती हैं। लेकिन आपको इनका सेवन नहीं करना चाहिए। सोयाबीन वाले फूड्स से भी दूर रहना चाहिए।

3. अपने cravings को नियंत्रित करें -

ठंड के मौसम में लोगों को अलग-अलग चीजों खाने की cravings होती रहती है। खासकर मीठा खाने या कार्ब्स वाले फूड्स (चावल, मैदे से बनी चीजें, फ्राइड फूड्स) खाने का ज्यादा मन करता है। इन फूड्स को खाने से थायराइड रोगियों के लिए अपने वजन का प्रबंधन करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आपको अपने आहार में कार्ब्स कम करने चाहिए और प्रोटीन ज्यादा करनी चाहिए। प्रोटीन के लिए आप अलग-अलग तरह की दालें, चने, अनाज (गेंहूं छोड़कर) खा सकते हैं। इसके अलावा मीठा खाने की इच्छा होने पर आप मीठे फल खा सकते हैं। सर्दियों में बहुत ज्यादा चाय-कॉफी पीने से भी परहेज करें। इससे बेहतर है कि ग्रीन टी पिएं।

4. धूप लें

सर्दियों में धूप आपके लिए प्राकृतिक दवा की तरह है। धूप से आपके शरीर को विटामिन डी भी मिलता है और शरीर के कई हार्मोन्स बैलेंस हो जाते हैं। इसलिए आपको हर दिन कम से कम 20-30 मिनट धूप में जरूर गुजारना चाहिए। धूप आपके मूड को भी ठीक करती है और इससे आपको अच्छी नींद आती है। कुछ लोगों को थायराइड के साथ मौसम में बदलाव की वजह से सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर की समस्या होती है। धूप में बैठने से ये समस्या भी दूर हो सकती है।

5. व्यायाम या योग

ठंड के मौसम में लोगों को घर में खाली बैठने से ज्यादा सर्दी लगती है इसलिए उन्हें कसरत करने के लिए समय निकालना चाहिए। थायराइड रोगियों के लिए 30-40 मिनट के लिए दैनिक व्यायाम करना महत्वपूर्ण है। यदि आप बाहर जाने में सक्षम नहीं हैं, तो योग, डांस जैसे कुछ इनडोर एक्टिविटीज करने का प्रयास करें।

मौसम के बदलाव से शरीर में होने वाली समस्याओं को नजरअंदार करना व्यक्ति के लिए भारी पड़ सकता है। इसलिए थायराइड रोगियों को सर्दी के मौसम में सभी सावधानियां बरतनी चाहिए। खासकर अपने खाने में कंट्रोल करें, ताकि आपका वजन बहुत ज्यादा न बढ़ जाए। अगर आपके शरीर में बार बार एक परेशानी हो रही है तो इसकी जांच कराकर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।



 

Post a Comment

Previous Post Next Post