बुरहानपुर - भारतीय चिकित्सा संघ जिला इकाई बुरहानपुर (आईएमए) ने सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन(सीसीआईएम) के इस प्रस्ताव पर विरोध जताते हुए कहा है कि नीट की परीक्षा में ही जब विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों का वर्गीकरण कर दिया गया है तो फिर आयुर्वेद पद्धति में 58 प्रकार की शल्य क्रियाओं को करने की अनुमति के प्रस्ताव से नाराज होकर आईएमए संस्था के द्वारा प्रदेश स्तर पर इसका विरोध किया जा रहा है।
कलेक्टर को जिला ईकाइ के अध्यक्ष डॉ.राहुल सुगंधी के नेत्रत्व में ज्ञापन दिया गया है और मांग की गई है कि आयुर्वेद पैथी मैं शल्यक्रिया की अनुमति देना अनुचित है।
इस विरोध के स्वरूप 11 दिसंबर को प्रदेश स्तर पर आईएमए संस्था के द्वारा एक दिन ओपीडी बंद कर विरोध प्रकट किया जाएगा।
इस संबंध में संस्था के बुरहानपुर सचिव डॉक्टर प्रसन्ना तरस ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि सभी पैथियां अपने स्थान पर सर्वश्रेष्ठ है फिर उसमें एलोपैथी की शल्य क्रियाओं को आयुर्वेद में करने की अनुमति प्रदान करना अनुचित है आई एम ए इसका विरोध करता है अब आगामी 11 दिसंबर को आईएमए चिकित्सक अपनी डिस्पेंसरी प्रात: 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रखकर विरोध दर्ज कराएंगे इस बीच इमरजेंसी सेवाएं यथावत जारी रहेंगी।
Tags
बुरहानपुर समाचार