बुरहानपुर - यह राजा जयसिंह की छतरी इंडो-इस्लामिक कल्चर का एक उत्तम नमूना है।
छतरी का निर्माण जैसा कि आप लोग जानते हैं कि राजस्थानी संस्कृति में हर राजा की गढ़ी में होता है किंतु बुरहानपुर में आमेर के राजा जयसिंह की मृत्यु 20 जुलाई 1666 को हुई। पश्चात् औरंगजेब ने उनके बेटे राजाराम सिंह को आमेर से बुला करके आदेश देकर अपने प्रिय सेनापति की याद में इस छतरी का निर्माण करवाया था।
इस वजह से इतिहास में इसका विशेष महत्व है। ताप्ती नदी के दूसरे किनारे पर स्थित जैनाबाद ग्राम के एक मोहल्ले का नाम जयसिंहपुरा आज भी उनकी याद दिलाते हैं।