अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा करते हुए कहा है कि हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत हो गई है।
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में खामेनेई को 'इतिहास के सबसे दुष्ट लोगों में से एक' बताया। उन्होंने इसे ना केवल ईरान की पब्लिक, बल्कि उन तमाम अमेरिकियों और दुनिया भर के लोगों के लिए इंसाफ बताया है, जिनकी खामेनेई और उनसे जुड़े गुटों ने हत्या की थी या उन्हें प्रताड़ित किया था। अपनी पोस्ट में ट्रंप ने ईरान के सुरक्षाबलों को माफी पाने का ऑफर भी दिया।
मॉडर्न इंटेलिजेंस से नहीं बच पाए खामेनेई- ट्रंप
ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका के बेहद मॉडर्न इंटेलिजेंस और ट्रैकिंग सिस्टम से खामेनेई नहीं बच पाए। इस बड़े ऑपरेशन को अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर अंजाम दिया। ट्रंप के अनुसार, इस अटैक में खामेनेई के साथ-साथ कई अन्य टॉप ईरानी नेता भी मारे गए और वे बचने के लिए कुछ नहीं कर पाए।
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस सुबह इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में खामेनेई के परिसर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने खामेनेई को तानाशाह करार देते हुए आरोप लगाया कि पिछले 30 वर्षों से वे दुनिया भर में आतंकवाद फैला रहे थे। वे अपने ही लोगों को दुखी कर रहे थे और इजरायल को मिटाने के लिए लगातार परमाणु कार्यक्रम पर काम कर रहे थे। इजरायली पीएम ने इस हमले को ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारी, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर और परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख व्यक्ति भी समाप्त किए गए हैं।
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। 40 दिनों के शोक के बीच तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है, लेकिन अंदर ही अंदर सत्ता के संघर्ष और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के अगले कदम को लेकर डर का माहौल है। ईरान के कई शहरों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं ताकि किसी भी तरह के आंतरिक विद्रोह को रोका जा सके। दुनिया भर के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह घटना मिडिल ईस्ट की पूरी राजनीति को बदल कर रख देगी।