बुरहानपुर — राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी की स्मृति में प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी दिनांक 10,11 फरवरी 2026 को प्रात: 9 बजे सर्वधर्म प्रार्थना,का आयोजन मां ताप्ती नदी के किनारे स्थित सतियारा घाट पर किया गया।
सर्वप्रथम निगम महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल एवं निगम चेयरमैन भरत इंगले सहायक आयुक्त द्वारा गांधीजी के अस्थि विसर्जन स्थल पर पुष्प माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया।
निगम महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल ने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 30 जनवरी, 1948 को निधन हुआ था और उनकी मृत्यु के 13वें दिन 10 फरवरी 1948 को उनकी अस्थियों को देश के विभिन्न भागों में अलग-अलग पवित्र सरोवरों में विसर्जित किया गया था। एक कलश को इलाहाबाद में गंगा नदी में तथा बुरहानपुर ताप्ति नदी में प्रवाहित किया गया। गांधीजी के बताएं मार्ग पर चलकर देश को आगे बढ़ाने के लिए सदा तत्पर रहे गांधीजी ने नागरिकों से नशामुक्ति ना करें नशे से दूरी बनाएं का गांधीजी ने सत्याग्रह का मार्ग दिखाया। इसके पश्चात पंडित गजेंद्र शास्त्री द्वारा गीता पाठ,का वाचन किया,निति प्रकाश सहगल,द्वारा आर्य समाज की प्रार्थना,तत्पश्चात सर्वधर्म प्रार्थना एवं गांधीजी के प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने कहिए, सबके लिए खुला है मंदिर ये हमारा, रघुपति राघव राजा राम आदि गीत का भी गान किया गया।
निगम सहायक आयुक्त सुश्री स्वर्णिका वर्मा वर्मा ने बताया कि गांधीजी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ सत्य और अहिंसा के दर्शन पर आधारित एक अद्वितीय रचना है. आज की युवा पीढ़ी को जरूर पढ़ना चाहिए. सत्य के प्रयोग आत्मकथा को पढ़ने से युवा पीढ़ी में गांधीवादी सोच विकसित हो सकेगी. उन्होंने कहा कि गांधी की अहिंसावादी विचारधारा के कारण आज भारत का पूरे विश्व में सम्मान है
सभी नागरिको ने अधिक संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होकर पूज्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी को श्रद्धांजलि दी कार्यक्रम का संचालन और आभार जन संपर्क अधिकारी हरिश मोरे ने माना इस सर्वधर्म प्रार्थना में महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल,नगर निगम सहायक आयुक्त सुश्री स्वर्णिका वर्मा,संजय सिंपी,स्वास्थ अधिकारी गणेश पाटिल,सहित पूर्व स्वास्थ अधिकारी रमेश महाजन योगेश कुशवाह सतीश रायसरदार सुधाकर माकुंदे विकास खंड अधिकारी निगम अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
Tags
बुरहानपुर समाचार