बुरहानपुर, 27 फरवरी 2026। नगर की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब वार्ड 18 के भाजपा पार्षद गौरव शुक्ला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के पत्र में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्यों में लगातार अड़चन डालने, उपेक्षा करने और अपमानजनक व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पत्र में क्या लिखा है ?
पार्षद ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जून 2024 से वार्ड में कराए जा रहे विकास कार्यों को अधिकारियों द्वारा बिना स्पष्ट कारण के निरस्त किया जा रहा था। उनका आरोप है कि कई बार चर्चा करने के बावजूद उन्हें “सपोर्ट नहीं मिला” और वार्डवासियों के हित के कार्य लंबित रखे गए।
उन्होंने यह भी लिखा कि 2024 में वार्ड में नाली निर्माण का कार्य शुरू हुआ, लेकिन 2026 तक भी उसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जब उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ अधिकारी जनप्रतिनिधियों के नाम लेकर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और अनावश्यक बहस कर उन्हें “नीचा दिखाने” का प्रयास करते हैं।
“सम्मान से समझौता नहीं”
गौरव शुक्ला ने लिखा है कि लगातार हो रही उपेक्षा और सम्मान को ठेस पहुंचने के कारण उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया। उन्होंने महापौर से अनुरोध किया है कि उनका इस्तीफा स्वीकार कर उन्हें पदमुक्त किया जाए, ताकि वार्डवासियों को भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
भाजपा के पार्षद का इस तरह खुलकर अधिकारियों पर आरोप लगाना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या नगर निगम में जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ रहा है? क्या विकास कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप या खींचतान की स्थिति है?
सूत्रों के अनुसार, इस इस्तीफे के बाद पार्टी संगठन भी सक्रिय हो गया है और अंदरखाने बैठकें शुरू हो चुकी हैं।
आगे क्या ?
अब सबकी निगाहें महापौर और नगर निगम प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि आरोपों की जांच होती है तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
फिलहाल, एक पार्षद के इस्तीफे ने बुरहानपुर की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है।
Tags
बुरहानपुर समाचार
