31 मार्च 2026 तक निगम का संपत्ति एवं राजस्व कर जमा कराकर आवासीय संपत्ति पर 50% छुट का लाभ ले —निगम आयुक्त


बुरहानपुर —बुरहानपुर नगर निगम ने करदाताओं से अपील की है कि वे चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 का संपत्तिकर 31 मार्च 2026 तक जमा करें, ताकि उन्हें 50 प्रतिशत की रियायत मिल सके। यदि भुगतान नहीं किया गया, तो अगले वित्तीय वर्ष से संपत्तिकर शत प्रतिशत वार्षिक भाड़े के आधार पर निर्धारित होगा और दोगुनी राशि का भुगतान करना पड़ेगा। 
निगम द्वारा शिविर तथा डोर टू डोर के माध्यम से वसूली की जा रही है साथ ही करदाताओं को भुगतान करने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध हैं 
नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम द्वारा संपत्तिकर (Property Tax) और जलकर के बकाया पर 31 मार्च तक 50% तक की छूट का लाभ दिया जा रहा है। यह रियायत ब्याज और पेनाल्टी पर मिल रही है, जिससे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। 31 मार्च के बाद पूर्ण राशि के साथ बढ़ा हुआ टैक्स व पेनल्टी देनी पड़ सकती है।
संपत्ति कर के ब्याज (Interest) और पेनल्टी (Penalty) में शत-प्रतिशत या 50% तक की रियायत मिल रही है।31 मार्च 2026 तक बकाया का एकमुश्त भुगतान करने पर ही इसका लाभ मिलेगा।समय पर टैक्स न जमा करने पर 1 अप्रैल से अतिरिक्त जुर्माना लग सकता है। करदाता अपने नगर निकाय कार्यालय, ऑनलाइन पोर्टल, या शिविरों के माध्यम से बकाया राशि जमा कर सकते हैं। 
जागरुकता अभियान: निगम लोगों को जागरुक करने के लिए बना रहा कार्ययोजना
यह नियम वर्ष 2021 से लागू है, लेकिन अब भी कई लोगों को इसकी पूरी जानकारी नहीं है। जिन लोगों का पहले से संपत्तिकर बकाया है, उन पर करीब तीन साल से संपत्तिकर के मद में टैक्स दो गुना लग रहा है। क्योंकि बकायादार 31 मार्च तक संपत्तिकर जमा नहीं
कर पा रहे हैं। इसी कारण समय सीमा निकलने के बाद उन्हें ज्यादा राशि जमा करनी पड़ रही है। इसे देखते हुए नगर निगम अब लोगों को समय पर संपत्ति कर जमा करने के लिए व्यवस्थित तरीके से जागरूक करने और समझाइश देने की तैयारी कर रहा है।


सहायक आयुक्त रितेश पाटीदार ने कहा कि शहर के करदाताओं को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 का - संपत्तिकर 31 मार्च 2026 तक जमा करना होगा। जो लोग तय तारीख तक टैक्स जमा नहीं करेंगे। उनकी संपत्ति का टैक्स 1 अप्रैल से दोगुना हो जाएगा। इस स्थिति से बचने के लिए निगमकर्मी अब वसूली के साथ लोगों को समझाइश भी देंगे। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि करदाताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचाया जा सके। कर्मचारियों द्वारा फोन पर भी अपने-अपने क्षेत्र के करदाताओं को इसकी जानकारी दी जा रही है। अभी तक करदाताओं को स्वयं की आवासीय संपति पर 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिल रहा है, लेकिन नए नियमों के तहत मार्च तक टैक्स जमा नहीं किया गया तो यह छूट समाप्त हो जाएगी और पूरी राशि के साथ बढ़ा हुआ टैक्स देना पड़ेगा। इसलिए निगम ने करदाताओं से समय रहते संपत्ति कर जमा कराने की अपील की है।

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