दीप जलाएं — पर प्रकृति बचाए ताप्ती सेवा समिति का जागरूकता अभियान,स्वच्छ, सुरक्षित और संयमित दीपावली मनाने का दिया संदेश

बुरहानपुर, 14 अक्टूबर , दीपों का पर्व दीपावली नजदीक आते ही बाजारों और घरों में उत्साह का माहौल है, लेकिन इसी के साथ पर्यावरण, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर ने इस वर्ष दीपावली के अवसर पर
“दीप जलाएं — पर प्रकृति बचाए ” विषय पर विशेष जन-जागरूकता अभियान प्रारंभ किया ।
संस्था सचिव धर्मेन्द्र सोनी ने बताया संस्था का उद्देश्य : “संस्कारों से भरी, प्रदूषण-मुक्त दीपावली” हो और दीपावली केवल रोशनी और उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि यह संस्कार, स्वच्छता और संयम का प्रतीक है।
हर नागरिक का दायित्व है कि वह ऐसा वातावरण बनाए, जहाँ दीप जले — पर किसी का स्वास्थ्य, शांति या प्रकृति न जले।

समिति अध्यक्ष सरिता भगत ने कहा — “हम माँ ताप्ती की पवित्र धरती पर रहते हैं। इस पवित्रता को बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
दीपावली तभी सच्ची होगी जब किसी को कष्ट न पहुँचे, प्रदूषण न फैले और हर चेहरा मुस्कुराए।” अभय बालापुरकर ने पटाखों से जुड़ी सावधानियाँ उपस्थित नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि दीपावली पर अंधाधुंध पटाखेबाज़ी से जहाँ बुजुर्गों की सेहत प्रभावित होती है, वहीं बच्चों, महिलाओं और पशु-पक्षियों को भी परेशानी होती है।
पटाखों से निकलने वाला धुआँ और शोर न केवल वातावरण को प्रदूषित करता है, बल्कि आगजनी और हादसों का खतरा भी बढ़ाता है।
समिति वरिष्ठ सदस्य अताउल्ला खान ने समिति की और से अपील और सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे —केवल शासन द्वारा अनुमोदित ग्रीन क्रैकर का ही उपयोग करें।
 ताप्ती तट, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर पटाखे न फोड़ें।
बुजुर्गों, बच्चों और पशु-पक्षियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
अपने घरों और आस-पास स्वच्छता और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखें।
 दीप जलाएं — पर दिलों में संयम और सद्भाव की लौ भी जलाएं।
विजय राठौर ने अभियान का स्वरूप बताया यह अभियान शहर के प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों, विद्यालयों और ताप्ती तटों पर चलाया जा रहा है।
समिति के स्वयंसेवक पंपलेट, पोस्टर, नारों और जन-संपर्क के माध्यम से नागरिकों को प्रेरित कर रहे हैं कि वे दीपावली को स्वच्छ, शांत और संवेदनशील तरीके से मनाएं। साथ ही, स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से “नो क्रैकर जोन” बनाए जाने की भी अपील की गई है। विवेक हकिम ने समिति का संदेश वाचन करते हुए कहाँ-
दीपावली तभी सच्ची कहलाएगी जब हर घर में दीप जले,
पर किसी के मन में कालिमा न फैले।जब ताप्ती माँ की धरती प्रदूषण-मुक्त रहे और समाज में शांति का उजाला फैले।” प्रेमलता सांकले ने समिति की ओर से नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दि कहा और “इस दीपावली आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें
कि हम दीप जलाएँगे, पर प्रकृति बनाऐंगे ।
खुशियाँ मनाएँगे, पर संयम बनाए रखेंगे।”इस अवसर पर अध्यक्ष श्रीमती सरिता भगत सचिन धर्मेंद्र सोनी राजीव खेड़कर अत्ताउल्लाह खान मंसुर भाई सेवकश्रीमती प्रेमलता साकले मोहन दलाल बसंत पाल अभय बालापुरकर विजय राठौड़ श्री किशन चौहान अजय राठौर विवेक हकीम रियाज उल हक डॉक्टर युसूफ खान मनोज कानूगो को बलराम सुखदाने आदि लोग मौजूद थे।

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