बुरहानपुर। नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। RTI कार्यकर्ता संदीप जाधव और नितिन गवले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ई-कचरा वाहन खरीदी में अनियमितताओं का खुलासा किया है।
कार्यकर्ताओं के मुताबिक, सफाई वाहनों की खरीदी में पारदर्शिता नहीं बरती गई। टेंडर ई-पोर्टल की बजाय जेम पोर्टल पर जारी किया गया, और पूरी प्रक्रिया बंद कमरे में तय की गई। सबसे हैरानी की बात यह है कि लगातार 14 बार एक ही व्यक्ति को टेंडर दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि नगर निगम ने उत्तर प्रदेश के गुड़गांव से 11 लाख रुपये प्रति ई-कचरा वाहन की दर से खरीदारी की, जबकि वही वाहन स्थानीय बाजार में सिर्फ 8 लाख रुपये में उपलब्ध था। इतना ही नहीं, वाहनों के ट्रांसपोर्टेशन पर भी 2 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किए गए, जिसे आसानी से बचाया जा सकता था।
RTI कार्यकर्ताओं की शिकायत पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच शुरू कर दी है, वहीं लोकायुक्त में भी मामला दर्ज हो चुका है। अब देखना होगा कि इस घोटाले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
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