डायबिटीज एक धीमी लेकिन गंभीर बीमारी है, जो शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित कर सकती है।
शुरुआती चरण में इसके लक्षण इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय रहते इन संकेतों को पहचानना और डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी है, ताकि इसे गंभीर होने से रोका जा सके।
आइए जानते हैं डायबिटीज के कुछ शुरुआती लक्षण, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।
डायबिटीज के शुरुआती लक्षण
1. बार-बार पेशाब आना
अगर आपको दिनभर में बहुत अधिक बार पेशाब करने की जरूरत महसूस होती है, खासतौर पर रात में बार-बार उठना पड़ता है, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है।
✅ क्या करें?
अगर बार-बार पेशाब आना रोजमर्रा की समस्या बन रही है, तो शुगर लेवल की जांच कराएं।
2. ज्यादा प्यास लगना
अगर आपको बिना किसी स्पष्ट कारण के हर समय प्यास लग रही है और आप बार-बार पानी पी रहे हैं, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है।
✅ क्या करें?
इस पर ध्यान दें कि क्या पानी पीने के बावजूद गला सूखता रहता है। अगर ऐसा है, तो ब्लड शुगर लेवल की जांच करवाएं।
3. ज्यादा भूख लगना लेकिन वजन कम होना
अगर आप अचानक ज्यादा भूख महसूस करने लगे हैं, लेकिन इसके बावजूद आपका वजन घट रहा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
डायबिटीज के कारण शरीर ग्लूकोज का सही तरह से उपयोग नहीं कर पाता, जिससे शरीर को एनर्जी नहीं मिलती और भूख बढ़ जाती है।
✅ क्या करें?
अगर आपको लगातार भूख लग रही है लेकिन वजन बढ़ने की बजाय कम हो रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
4. बिना वजह थकान और कमजोरी
अगर आपको बिना किसी मेहनत के भी हर समय थकान और कमजोरी महसूस हो रही है, तो यह भी डायबिटीज का संकेत हो सकता है।
जब शरीर में शुगर का स्तर असंतुलित हो जाता है, तो यह ऊर्जा उत्पादन को प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति कमजोर महसूस करने लगता है।
✅ क्या करें?
अगर हर समय सुस्ती या कमजोरी बनी रहती है, तो शुगर टेस्ट करवाएं।
5. छोटे घाव या चोटें जल्दी न भरना
अगर आपके शरीर पर कोई घाव या कट लग जाए और वह सामान्य से ज्यादा समय में ठीक हो, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है।
डायबिटीज के कारण शरीर की हीलिंग पावर (घाव भरने की क्षमता) धीमी हो जाती है।
✅ क्या करें?
अगर किसी मामूली चोट को ठीक होने में असामान्य रूप से अधिक समय लग रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
6. आंखों की रोशनी कमजोर होना
डायबिटीज के कारण ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने से आंखों पर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे धुंधला दिखाई देना, नजर कमजोर होना या आंखों में जलन हो सकती है।
✅ क्या करें?
अगर आपको अचानक धुंधला दिखने लगे या आंखों से जुड़ी कोई और समस्या हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
7. बार-बार इंफेक्शन होना
अगर आपको लगातार किसी न किसी तरह का संक्रमण हो रहा है (जैसे स्किन इंफेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या फंगल इंफेक्शन), तो यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर होने का संकेत हो सकता है, जो डायबिटीज का एक लक्षण भी है।
✅ क्या करें?
अगर बार-बार संक्रमण हो रहा है, तो ब्लड शुगर टेस्ट जरूर कराएं।
डायबिटीज के प्रकार
डायबिटीज मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
✔️ टाइप 1 डायबिटीज:
इसमें शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है।
यह आमतौर पर बचपन या किशोरावस्था में शुरू होती है।
इसे इंसुलिन इंजेक्शन से नियंत्रित किया जाता है।
✔️ टाइप 2 डायबिटीज:
इसमें शरीर इंसुलिन बनाता तो है, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं कर पाता।
यह बदलती जीवनशैली और खानपान से जुड़ी होती है।
इसे आहार, व्यायाम और दवाओं से नियंत्रित किया जा सकता है।
डायबिटीज से कैसे बचें?
अगर आप डायबिटीज के खतरे से बचना चाहते हैं, तो अपनी जीवनशैली में ये बदलाव करें:
✔️ स्वस्थ आहार लें – फाइबर, प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेट वाला आहार अपनाएं।
✔️ नियमित व्यायाम करें – रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें।
✔️ वजन नियंत्रित रखें – मोटापा डायबिटीज का बड़ा कारण बन सकता है, इसलिए बॉडी वेट कंट्रोल में रखें।
✔️ तनाव से बचें – ज्यादा तनाव से हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जो ब्लड शुगर को प्रभावित करता है।
✔️ मीठा और प्रोसेस्ड फूड कम खाएं – अधिक चीनी और जंक फूड से बचें, क्योंकि ये शुगर लेवल बढ़ा सकते हैं।
कब करें डॉक्टर से संपर्क?
अगर आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण लगातार महसूस हो रहे हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
डायबिटीज जितनी जल्दी पकड़ में आएगी, उतनी जल्दी इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
👉 समय पर टेस्ट कराएं, सही जीवनशैली अपनाएं और डायबिटीज से बचें!
Disclaimer : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे व सलाह सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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