"शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता, वह आजीवन समाज को कुछ न कुछ सिखाता रहता है" -- डॉ.सुभाष माने

बुरहानपुर :- एक शिक्षक अपने उत्तरदायितवो से कभी विमुख नहीं हो सकता, वह आजीवन समाज को कुछ न कुछ सिखाता चलता है, अतः हम कह सकते हैं कि एक शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता " उक्त वक्तव्य कला, साहित्य एवं सांस्कृतिक संस्था "आह्वान " द्वारा आयोजित अभिनन्दन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुभाष माने जी ने व्यक्त किये। 
संस्था के सचिव श्री कैलाश जयवंत के सेवानिवृत होने पर यह आयोजन किया गया। समारोह के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र निर्झर ने कहा कि एक शिक्षक से समाज और राष्ट्र को बहुत सी अपेक्षाएं रहती है, जो कार्य हम पद पर रह कर नहीं कर सकते, उसे सेवा समापन के बाद मन से किया जा सकता है।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्जवलन हुआ। ठा. वीरेंद्रसिंह चित्रकार ने सरस्वती वंदना करके सभागार को मन्त्रमुग्ध किया। 
शिक्षक कैलाश जयवंत ने अपने रिटायर मेन्ट के अवसर पर कहा कि राष्ट्र ने मुझे सेवा का जो अवसर दिया था, उसे मैंने पूरे मनोयोग से निभाया, मैं समाज का भी बहुत आभारी हूँ। संतोष नींभोरे ने उनका परिचय वाचन किया। राजेश लिखार ने अभिनन्दन पत्र का पाठन किया। 
श्याम ठाकुर, राजकुमार दलाल, प्रेमलता सांखले, सुलेखा ठाकुर, राजेंद्र मिश्रा सूरज, युवराज मिस्त्री ने काव्यमय शुभकामनायें दीं। 
संचालन युवा कवि मनीष कुमार सरोज ने किया। आभार संस्था अध्यक्ष शंकरलाल सोनी ने माना।

Post a Comment

Previous Post Next Post