बुरहानपुर नगर निगम ने खुले में मांस और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध के आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सोमवार को अभियान चलाकर कार्रवाई की।
इस दौरान सड़क किनारे मांस-मछली बेचने वाले लगभग 30 दुकानों को हटाया गया और उनका सामान जब्त किया गया. नगर निगम का कहना है कि खुले में मांस-मछली बेचने से स्वास्थ्य और सफाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और यातायात भी बाधित होता है.
समझाइश के बाद भी जारी रही खुली बिक्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से प्रदेशभर में खुले में मांस-मछली बिक्री पर रोक का आदेश जारी किया गया था. इस आदेश के बाद नगर निगम ने विक्रेताओं को निर्देश दिए थे कि वे पर्दे के अंदर और निर्धारित बाजारों में ही बिक्री करें. हालांकि, इस निर्देश का पालन न करने और लगातार खुले में मांस- मछली बिक्री जारी रखने के बाद नगर निगम को कठोर कदम उठाया.
नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन और सीएम हेल्पलाइन में लगातार शिकायतें मिलने के बाद नगर निगम ने बाजारों में खुले में मांस-मछली बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया. इस दौरान विरोध के बावजूद नगर निगम के कर्मचारियों ने दुकानों के पिंजरे और सामान जब्त कर लिए और जेसीबी की मदद से सड़क किनारे अतिक्रमणों को हटाया. इस दौरान निगम अधिकारियों ने मुनादी कराई कि यदि अब कोई विक्रेता खुले में मांस-मछली बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
व्यापारियों ने जताया विरोध
नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ मांस-मछली विक्रेताओं ने विरोध जताया. विक्रेताओं का कहना है कि खुले में बिक्री न करने से उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा. हालांकि, नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम जनता के स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी है. अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध अतिक्रमण और खुले में मांस-मछली की बिक्री को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
Tags
बुरहानपुर समाचार