बुरहानपुर :- मंगलवार दोपहर 12 बजे कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में शहर के एआईएमआईएम पदाधिकारियों ने नासिक के रामगिरी महाराज द्वारा मोहम्मद पैगंबर साहब पर की गई टिप्पणी और छतरपुर की घटना को लेकर विरोध जताया है ।
एआईएमआईएम के कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप रामगिरी महाराज की गिरफ्तारी की मांग की और ज्ञापन में महाराष्ट्र-मप्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई।
कार्यकर्ताओं ने मुद्दा उठाया कि प्रदेश सरकार किसी भी तरह की जांच के बिना मकान तोड़ने की कार्रवाई करती है यह उचित नहीं है।
एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष अधिवक्ता जहीर उद्दीन शेख ने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक के रामगिरी महाराज ने पैगंबर मोहम्मद साहब के बारे में अपशब्द कहते हुए उनकी शान में गुस्ताखी की है लेकिन आज तक महाराज की गिरफ्तारी नहीं की गई ।
सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि यदि कोई व्यक्ति, संस्था ,धर्मगुरू किसी साम्प्रदायिक द्ववेश सामाजिक सौहार्द्र राष्ट्रीय एकता को खंडित करने वाला बयान देता है तो संबंधित राज्य सरकार और जिले की पुलिस को किसी फरियादी का इंतजार नहीं करते हुए संबंधित के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार करना चाहिए लेकिन महाराष्ट्र में ऐसा नहीं हो रहा है महाराष्ट्र सरकार उसे संरक्षण दे रही है वहां के मुख्यमंत्री ने महाराज के समर्थन में बयान दिया
ज्ञापन में छतरपुर की घटना पर भी आक्रोश जताया गया जिलाध्यक्ष ने कहा मुस्लिम समाज के लोग रामगिरी महाराज के खिलाफ कोतवाली थाने में ज्ञापन देकर केस दर्ज करने की मांग कर रहे थे इस दौरान उनकी बात नहीं सुनी गई एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं का कहना है कि बेकाबू भीड़ में से कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया बिना कोई जांच किए पुलिस ने हाजी शहजाद को मुख्य आरोपी बनाकर उनका मकान बुल्डोजर से तोड़ दिया जबकि पहले जांच होना चाहिए थी इसे लेकर डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया इस दौरान काफी संख्या में एआईएमआईएम पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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