ग्लूकोमा एक ऐसी खतरनाक स्थिति है, जो आंख के पिछले हिस्से में ऑप्टिक नर्व को प्रभावित करती हैं, जिसकी वजह से विजन लॉस या कम्प्लीट ब्लाइंडनेस हो सकती है। ऑप्टिक नर्व के जरिए ही ब्रेन को इमेज मिलती है। ऐसे में इसकी वजह से आपकी आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है। ग्लूकोमा के सभी प्रकार अपने आप में अलग हैं, लेकिन ज्यादातर में पहले कोई लक्षण नहीं दिखते हैं, इसलिए बार-बार परीक्षण करवाना जरूरी है, खासकर यदि आप अधिक जोखिम में हैं।
ग्लूकोमा के प्रकार
ओपन-एंगल ग्लूकोमा
एंगल क्लोजर ग्लूकोमा
नॉर्मल टेंशन ग्लूकोमा
सेकेंडरी ग्लूकोमा
ग्लूकोमा के लक्षण क्या हैं ?
ग्लूकोमा के प्रकार और अवस्था के आधार पर इसके लक्षण भिन्न-भिन्न होते हैं। हालांकि, इसके कुछ सामान्य लक्षणों में निम्न शामिल हैं-
खराब दृष्टि
विजन लॉस
टर्नल विजन
आंखों में दर्द
गंभीर सिरदर्द
आंख लाल होना
रोशनी के चारों ओर हेलो देखना
कॉर्निया का सफेद होना / धुंधलापन
आंखों के अंदर या सेंट्रल में पैची ब्लाइंड स्पॉट
किसे है ज्यादा खतरा ?
अंधापन खतरनाक मेडिकल कंडीशन, जो ग्लूकोमा का एक संभावित परिणाम है। हालांकि, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों में को इसका ज्यादा खतरा है, लेकिन यह किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकता है।
चूंकि, ग्लूकोमा के अधिकांश प्रकारों में कोई लक्षण नहीं होते हैं और उम्र के साथ ये बदतर हो जाते हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी आंखें स्वस्थ हैं, नियमित प्रेशर टेस्टिंग और आंखों की जांच की सलाह दी जाती है।
ग्लूकोमा का इलाज कैसे करें ?
ग्लूकोमा के इलाज के तीन मुख्य तरीके हैं: सर्जरी, लेजर थेरेपी और आई ड्रॉप। ग्लूकोमा के प्रकार और अवस्था के आधार पर डॉक्टर इसके इलाज के लिए सही विकल्प चुनते हैं।
Tags
स्वास्थ्य संसार
