क्रिएटिनिन क्या है ? इसके बढ़ने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ते हैं ?

क्रिएटिनिन क्या है ?

मांसपेशियों में बनने वाले अपशिष्ट उत्पाद को क्रिएटिनिन कहते हैं. किडनी इसे फिल्टर करने का काम करती है लेकिन अगर ब्लड में में क्रिएटिनिन की मात्रा ज्यादा हो जाए तो किडनी के लिए इसे फिल्टर कर पाना आसान नहीं होता है. ऐसी स्थिति में किडनी फेल हो सकती है.


किडनी डैमेज होने से कैसे बचाएं

1. आहार-लाइफस्टाइल में बदलाव कर क्रिएटिनिन के लेवल को मेंटेन कर सकते हैं.

2. रिसर्च में पता चला है कि प्रोटीन रिच फूड्स के ज्यादा सेवन से क्रिएटिनिन का लेवल बढ़ सकता है. इसलिए रेड मीट या डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे प्रोटीन से भरपूर चीजों का सेवन सीमित करें.

3. फाइबर क्रिएटिनिन के स्तर को कंट्रोल करने में मददगार हो सकता है. स्टडी के मुताबिक, खाने में फाइबर बढ़ाकर ऐसे क्रोनिक हार्ट डिजीज में सुधार देखने कोमिला है. सब्जियां, फल, साबुत अनाज या नट्स खाएं

4. शराब-सिगरेट से जितना हो सके उतनी दूरी बनाएं. इससे किडनी को कई नुकसान पहुंच सकते हैं. शोध में पता चला है कि शराब छोड़कर क्रोनिक किडनी रोग के रिस्क को कम कर सकते हैं. क्योंकि धूम्रपान और अल्कोहल ब्लड में क्रिएटिनिन को बढ़ा सकते हैं।



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