1. लेट कर बुक्स ना पढ़ें
कुछ लोगों की आदत होती है कि वे चश्मा लगाकर बेड पर या सोफे पर लेटकर किताबे पढ़ते हैं। यह आदत आंखों के लिए अच्छा नहीं है। एक्सपर्ट का कहना है कि किताबें पढ़ते समय आपको अपनी पीठ के बल नहीं लेटना चाहिए। साथ ही बुक्स को आंखों से कम से कम 30 सेंटीमीटर दूर रखना चाहिए। हर 30 मिनट में लगभग 5 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए। इसके साथ ही कम रोशनी में भी किताब नहीं पढ़नी चाहिए। इससे आंखों पर दबाव पड़ता है।
2. बिना यूवी सुरक्षा देने वाले चश्मे न पहनें
चश्मा बनवाते समय ध्यान रखना चाहिए कि उसमें यूवी सुरक्षा वाले लेंस ही लगवाएं। दरअसल, सूर्य से निकलने वाली यूवी किरणें आंखों और उसके आसपास की त्वचा के लिए हानिकारक होती हैं। वहीं जब आप कंप्यूटर पर काम करते हैं या टीवी देखते हैं तो उस दौरान भी इन उपकरणों से निकलने वाली रोशनी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में 100 प्रतिशत यूवी प्रोटेक्शन लेंस वाला चश्मा पहनें।
3. गंदे लेंस वाले चश्में न पहनें
गंदे लेंस वाले चश्में नहीं पहनने चाहिए। इससे आंखों पर दबाव पड़ता है। जब हम चश्मा पहनते हैं तो उस पर हाथ भी लगते हैं। ऐसे में उसके लेंस पर धब्बे पड़ जाते हैं। इससे लेंस धुंधले हो जाते हैं और देखने में परेशानी होती है। गंदे लेंस वाले चश्मे पहनने से सिरदर्द भी हो सकता है। ऐसे में हमेशा अपने चश्मे के लेंस को साफ रखें। लेंस को साफ करने के लिए मुलायम कपड़े का प्रयोग करें। वहीं अगर लेंस पर धूल लग गई तो वह आपकी आंखों में भी जा सकती है।
4. कांच के लेंस वाले चश्में न पहनें
अगर आप कांच के लेंस वाले चश्मे पहनते हैं तो कई बार लेंस टूटने पर उसका कांच का टुकड़ा आंख में जाने की संभावना रहती है। ऐसे में आपकी आंख में चोट लग सकती है। ऐसे में पॉलीकार्बोनेट लेंस वाले चश्मे ही पहनें। पॉलीकार्बोनेट लेंस से बने चश्मे काफी अच्छे माने जाते हैं। यह टूटते नहीं हैं।
5. इन बातों का भी रखें ध्यान
आंखों की देखभाल के लिए काम करते समय हमेशा एंटी-ग्लेयर चश्मे का उपयोग करना चाहिए। कंप्यूटर स्क्रीन पर काम करते समय ब्लू लाइट को रोकने वाले लेंस पहनें। आंखों की चकाचौंध से बचने के लिए आपके चश्मे में एक एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग भी कराएं।
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