बुरहानपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) द्वारा केला फसल खति हेतु दी जाने वाली राहत राशि तथा उनके निर्धारित मापदण्डों में संशोधन करते हुए आरबीसी 6/4 के प्रावधानों में मुआवजा राशि में दो गुना की वृद्धि किए जाने की मांग को आज 28 जून 2023 को मध्यप्रदेश की कैबिनेट ने निर्णय लेकर मोहर लगा दी है। जिससे क्षेत्र के किसानों ने हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) का आभार व्यक्त किया। साथ ही श्रीमती अर्चना चिटनिस ने सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे, नेपानगर विधायक श्रीमती सुमित्रा कास्डेकर एवं मंडी बोर्ड उपाध्यक्ष मंजू दादू सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं किसानों की ओर से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, राजस्व मंत्री गोविंदसिंह राजपूत एवं उद्यानिकी-खाद्य प्रसंस्करण मंत्री भारतसिंह कुशवाह तथा मध्यप्रदेश मंत्री परिषद के सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि शिवराजसिंह चौहान जी मध्यप्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री है। वर्ष 2018 में भी मेरे एवं स्व. नंदकुमारसिंह जी चौहान के आग्रह पर किसानों को केला फसल क्षति हेतु सहायता राशि में वृद्धि करते हुए 37 हजार से एक लाख रूपए प्रति हेक्टेयर करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था।
ऐसे संवेदनशील मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और बुरहानपुर किसानों के प्रति उनके विशेष स्नेह के कारण ही आज पुनः किसानों के हित में एक बार बड़ा निर्णय लिया है।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि अतिशीघ्र ही उद्यानिकी फसलों के बीमा हेतु कार्यवाही अंतिम चरणों में है।
पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड छः क्रमांक 4 के परिशिष्ट-1 (एक) (ख) के अंतर्गत केला फसल क्षति हेतु दी जाने वाली राहत राशि तथा उनके निर्धारित मापदण्डों में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि केला फसल क्षति हेतु 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने पर दी जाने वाली अनुदान सहायता राशि 30 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर, 33 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक 54 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर एवं 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर दी जाने वाली अनुदान सहायता राशि 2 लाख रूपए प्रति हेक्टेयर करने का मध्यप्रदेश की कैबिनेट ने निर्णय लिया है।
श्रीमती चिटनिस ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से खति हेतु राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड छः क्रमांक 4 के परिशिष्ट-1 (एक) (ख) की कंडिका-3 मे केला फसल हानि हेतु आर्थिक अनुदान सहायता राशि अधिकतम देय सीमा 3 लाख रूपए के स्थान पर 6 लाख रूपए करने का भी निर्णय लिया गया है।
ज्ञात हो कि पूर्व मंत्री श्रीमती चिटनिस ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, राजस्व मंत्री गोविंदसिंह राजपूत एवं उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री भारतसिंह कुशवाह से भेंट एवं पत्र प्रेषित कर आरबीसी 6/4 के प्रावधानों में मुआवजा राशि में दो गुना की वृद्धि किए जाने की मांग रखी थी। श्रीमती चिटनिस ने आरबीसी 6/4 की मुआवजा राशि भी बढ़ोतरी पर भी गंभीरता से विचार करने की बात कही थी। वर्तमान में 25 प्रतिशत क्षति पर कोई मुआवजा नहीं मिलता है। 25 से 35 प्रतिशत क्षति पर 15 हजार रुपए व 35 प्रतिशत से 50 प्रतिशत पर 27 हजार एवं 50 प्रतिशत से अधिक क्षति पर एक लाख रुपए की मुआवजा राशि का प्रावधान है। उद्यानिकी फसल बीमा विलंब से किसान काफी परेशान हैं। ऐसी स्थिति में आरबीसी 6/4 के प्रावधानों में दो गुना की वृद्धि की जाए, ऐसी मांग रखी थी। जिसके परिणाम स्वरूप आज मध्यप्रदेश की कैबिनेट की बैठक में उक्त निर्णय लिया गया है।
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