बुरहानपुर के धूलकोट क्षेत्र के आदिवासी बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान भोजन में लापरवाही

 बुरहानपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान भोजन में लापरवाही बरती जा रही है कई क्षेत्रों में तो बच्चों को भोजन की जगह कुरकुरे परोसे जा रहे हैं कई जगह बच्चों को दाल की जगह दाल का पानी दिया जा रहा है पौष्टिक आहर भोजन बच्चों की थाली से गायब हो गया है इस पूरे मामले पर कलेक्टर प्रवीण सिंह का कहना है कि धुलकोट क्षेत्र दूरस्थ और आदिवासी अंचल होने के चलते यहां पर बच्चों को अच्छे और गुणवत्तापूर्ण भोजन की आवश्यकता होती है में पूरी टीम को जिसमें की बीआरसी, जन शिक्षक और परियोजना अधिकारी है इनको भेज कर निरीक्षण किया जाएगा और साथ ही जो समूह गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दे पा रहे हैं उनको हटाकर दूसरे समूह को वहां पर लगाया जाएगा यदि संस्था प्रधान द्वारा समय-समय पर इनकी मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है तो इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी मामला गंभीर है आदिवासी क्षेत्र में बच्चों को गुणवत्ता वाला भोजन मिलना चाहिए मैं इसके लिए प्रयास करूंगा

Post a Comment

Previous Post Next Post