कैसे फैलता है निपाह वायरस- आप सभी को बता दें कि सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों में कई लोग सूअर के साथ सीधे संपर्क या उनके कॉन्टिमिनेटेड टिशू (दूषित ऊतक) से निपाह वायरस का शिकार हो चुके हैं। जी हाँ और इसके अलावा खजूर का कच्चा रस जो चमगादड़ के यूरीन और लार से दूषित हो सकता है, निपाह वायरस के संक्रमण के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसी के साथ निपाह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में भी ट्रांसमिट हो सकता है।
निपाह वायरस के लक्षण- आप सभी को बता दें कि निपाह वायरस एसिम्प्टोमैटिक इंफेक्शन से लेकर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन और घातक इन्सेफलाइटिस तक हो सकता है। जी हाँ और इस संक्रमण में मरीज को बुखार, सिरदर्द, सांस में तकलीफ, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और गले में खराश की शिकायत हो सकती है। वहीँ इसके अलावा, मरीज को चक्कर, बेहोशी, मूड स्विंग और न्यूरोलॉजिकल से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान अगर स्थिति ज्यादा गंभीर रही तो इंसान इन्सेफेलाइटिस का भी शिकार हो सकता है और 24 से 48 घंटे में कोमा में जा सकता है। आप सभी को बता दें कि निपाह वायरस के लक्षण किसी भी इंसान में 5 से 14 दिन के भीतर दिख सकते हैं। हालाँकि कुछ मामलों में ये 45 दिनों तक खिंच सकता है। जी हाँ और ये कंडीशन ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि लक्षण ना दिखने की वजह से रोगी अपने साथ-साथ दूसरों के लिए भी मुसीबत आ सकती है।
क्या है इलाज- निपाह वायरस का अभी तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है और इसकी कोई सटीक दवा भी नहीं है। हालाँकि Ribavirin ड्रग को निपाह वायरस के खिलाफ एक बार के लिए असरदार माना गया है, लेकिन अभी तक इसे सिर्फ लैबोरेट्री में ही टेस्ट किया गया है।