वर्ल्ड पृथ्वी दिवस क्यों मनाया जाता है ? क्या है इसके पीछे का इतिहास ?

हर साल 22 अप्रैल का दिन 'वर्ल्ड अर्थ डे' के रूम में मनाया जाता है. धरती को हमारी मां माना जाता है. आज के समय धरती कई तरह के चैलेंज का सामना कर रही है. हम हर दिन ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण आदि परेशानियों का सामना कर रहे हैं. डेवलपमेंट के लिए इंसानों ने पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाया है. ऐसे में पर्यावरण एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर जल्द ही धरती को संरक्षित करने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो खामियाजा इंसान को ही भुगतना होगा.

'वर्ल्ड अर्थ डे'मनाने की वजह
'वर्ल्ड अर्थ डे' यानी विश्व पृथ्वी दिवस को मनाने के पीछे यह कारण है कि लोग पर्यावरण के महत्व को समझें और धरती को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए. इस दिन को इंटरनेशनल मदर अर्थ डे के रूप में भी जाना जाता है. इस दिन लोग धरती को बचाने के लिए संकल्प लेते हैं. स्कूलों में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. साथ ही बच्चों और लोगों के बीच पेड़ लगाने के महत्व, पर्यावरण को स्वच्छ और साफ रखने के लिए जागरूकता फैलाई जाती है. कई सामाजिक कार्यकर्ता पृथ्वी को बचाने के लिए जुलूस और नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन करते हैं.

'वर्ल्ड अर्थ डे' मनाने का इतिहास
वर्ल्ड अर्थ डे दुनिया के 192 देशों में सेलिब्रेट किया जाता है. पहली बार 'वर्ल्ड अर्थ डे' को साल 1970 में मनाना शुरू किया गया. साल 1960 के दशक में दुनियाभर में विकास के कार्य के नाम पर अंधाधुन जंगल की कटाई की जा रही थी. इससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा था. इस कटाई को रोकने और लोगों को पर्यावरण के लिए जागरूक बनाने के लिए अमेरिकी सेनिटर ने साल 1969 में सितंबर महीने में वॉशिंगटन में एक सम्मेलन की घोषणा की. इस सम्मेलन में कई स्कूल कॉलेज के बच्चे भी शामिल हुए. इसके बाद से ही साल 1970 से इस खास दिन को पूरी दुनिया 'वर्ल्ड अर्थ डे' के रूप में मनाने लगी है.

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