गजानन महाराज के जन्म और जन्म स्थान के बारे में किसी को भी जानकारी नहीं है। जब उन्हें पहली बार देखा गया तब वह एक युवक थे और वे झूठी पत्तलों से खाना उठा कर खा रहे थे और 'गं गं गणात बूते' का उच्चारण कर रहे थे। 'गं गं गणात बूते' का उच्चारण करने के कारण ही उनका नाम गजानन पड़ा।
गजनान महाराज का पूरा जीवन चमत्कारों से भरा हुआ है। एक बार जब महाराज दिगंबर होकर तपस्या कर रहे थे तब एक स्त्री उन पर मोहित होकर उनके पास गई, लेकिन उसने देखा कि महाराज के तेज से नीचे रखी घास भस्म हो गई है। उस स्त्री को महाराज के प्रति गलत भाव रखने का बहुत पछतावा हुआ और उसने उनसे क्षमा मांगी। एक बार महाराज को प्यास लगी। उन्होंने वहां से गुजर रहे भास्कर पाटिल से पानी मांगा, लेकिन उसने इंकार कर दिया। तभी महाराज को वहां कुआं दिखा, जो 12 वर्षों से सूखा पड़ा था। महाराज कुएं के पास जाकर बैठ गए और ईश्वर का जाप करने लगे। जाप के तप से कुआं पानी से भर गया। इस तरह बहुत से चमत्कार उनके भक्तों के बीच प्रसिद्ध हैं।
संगमरमर से बना है मंदिर
गजानन महाराज का मंदिर बहुत ही सुन्दर है और इसे बनाने के लिए आकर्षक संगेमरमर पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इस मंदिर को कुछ इस तरह बनाया गया है कि कोई मंदिर के बाहर से भी संत गजानन महाराज के दर्शन कर सकता है और इस दर्शन को मुख दर्शन कहा जाता है और जिन्हें महाराज को करीब से दर्शन लेना होता है वे सुरंग में से जाकर दर्शन कर सकते है। महाराज की जिस जगह पर मूर्ति है वहा के गर्भगृह में अच्छी खासी जगह है जहां पर भक्त खड़े होकर गजानन महाराज से प्रार्थना कर सकते है और आराम से दर्शन भी कर सकते हैं। इस मंदिर के उपरी हिस्से में देवी और देवताओं की बहुत सारी सुन्दर मूर्तियां भी बनायी गयी हैं।
गजानन महाराज का मंदिर बहुत ही सुन्दर है और इसे बनाने के लिए आकर्षक संगेमरमर पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इस मंदिर को कुछ इस तरह बनाया गया है कि कोई मंदिर के बाहर से भी संत गजानन महाराज के दर्शन कर सकता है और इस दर्शन को मुख दर्शन कहा जाता है और जिन्हें महाराज को करीब से दर्शन लेना होता है वे सुरंग में से जाकर दर्शन कर सकते है। महाराज की जिस जगह पर मूर्ति है वहा के गर्भगृह में अच्छी खासी जगह है जहां पर भक्त खड़े होकर गजानन महाराज से प्रार्थना कर सकते है और आराम से दर्शन भी कर सकते हैं। इस मंदिर के उपरी हिस्से में देवी और देवताओं की बहुत सारी सुन्दर मूर्तियां भी बनायी गयी हैं।
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