अक्सर आपको ऐसे लोग मिल जायेंगे जो अपने नाखून चबाने या उंगली के पोरों को कुतरने की आदत से जूझ रहे हैं. यह एक ऐसी आदत है जिसको लेकर हर कोई टोकता है की यह एक बुरी आदत है. नेल बाइटिंग, यानी नाखून चबाना अदिकतर कम उम्र के बच्चों में देखी जाती है, लेकिन अगर सही इलाज नहीं दिया जाए तो बड़े होने तक ये आदत बनी रहती है।
एक रिसर्च में बताया गया है की, दुनियाभर में करीब 30% लोगों को नाखून चबाने की आदत होती है।
एंग्जायटी, निराशा, डिप्रेशन, OCD (Obsessive-compulsive disorder), बोरियत, टेंशन आदि के दौरान लोग अपने नाखून चबाते हैं. जब लोग किसी बात से डरे होते है तब भी वह अपने नाखून और उंगलियों को चबाते हैं, ताकि उनका ध्यान बाँट रहे. यह आदत लोगों में बचपन से ही देखी जा सकती है और अगर सही इलाज़ किया जाए तो इससे छुटकारा भी पाया जा सकता है.
नाखून चबाने से यह होते है नुकसान
- इंसान के नाखूनों में कई तरह के बैक्टीरिया पाए जाते है, जो नाखून चबाते समय हमारे शरीर में प्रवेश कर लेते है. जिनके कारण नाखून चबाने की आदत वाले लोग जल्दी-जल्दी बीमार पड़ते हैं.
- नाखून चबाने से लोगों का डिगेशन भी ख़राब होता है और उनके पेट में गैस बनने लगती है.
- इस आदत से बच्चों के मसूड़ों में दर्द और घाव भी हो सकते है.
- नाखून चबाने से सेप्टिक अर्थराइटिस की बीमारी भी हो सकती है.
- यही नहीं अगर बच्चे नियमित रूप से नाखून चबा रहे है तो उसके दांत टेढ़े हो जाते है.
कैसे छोड़े नाखून चबाने की यह आदत
- नाखून चबाने की इस बुरी आदत को रोकने के लिए अपने नाखूनों को नियमित रूप से काटें ताकि वह इतने बड़े ही न की आप उन्हें काट सकें.
- नाखूनों पर नेल पेंट ज़रूर लगाएं. नेल पॉलिश का स्वाद में कड़वा होता हैं। जब आप अपने नाखूनों को मुँह में डालते है तो नेल पॉलिश का अजीब सा स्वाद आपको बताता है की आप नाखून चबा रहे हो. ऐसे में आप नाखूनों को नहीं कुतरेंगे।
- अगर आप अपने नाखूनों के न काट सकें तो सूती दस्ताने ज़रूर पहनें।
- हाथों में मैनीक्योर करवाएं, जिससे आपको अपने मैनीक्योर के ख़राब होने और पैसे बर्बाद होने का दर रहेगा और आप नाखून नहीं चबाएंगे।