अनुसंधानकतार्ओं ने कहा, हमने 916 बच्चों का नेत्र परीक्षण किया था। बच्चों और उनके परिवार को प्रश्नावली दी गई थी जिसमें वीडीटी के इस्तेमाल, खेलकूद की गतिविधि, सीखने और ऑक्यूलर सरफेस डिसीज इनडेक्स में बदलाव से संबंधित स्कोर शामिल था। प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया था जिसमें 630 बच्चे शहरी इलाकों के और 286 ग्रामीण इलाकों से थे।
शहरी समूह के कुल 8.3 फीसदी बच्चों में ड्राइ आई डिसीज (डीईडी) की समस्या मिली जबकि ग्रामीण समूह में ऐसे बच्चों का आंकड़ा 2.8 फीसदी था। शहरी समूह में स्मार्टफोन के इस्तेमाल की दर 61.3 फीसदी और ग्रामीण समूह में 51 फीसदी थी। बच्चों में स्मार्टफोन का इस्तेमाल का बाल्यावस्था डीईडी से है। यह शोध जर्नल बीएमसी ऑप्थेल्मोलॉजी में प्रकाशित हुआ है।
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