चावल और रोटी स्टार्च के द्वारा बने हुए होते हैं। जब आपका पाचन होता है तो तब यह स्टार्च ग्लूकोज के रूप में ब्रेक डाउन होने लग जाता है। ग्लूकोज के मौजूद होने के कारण इंसुलिन हार्मोन्स एक्टिवेट हो जाते हैं और इससे ट्रायप्टोफैन का उत्पादन होने लग जाता है। इसके उत्पादन होने के कारण आपके शरीर में सेराटोनिन और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन्स उत्सर्जित होने शुरू हो जाते हैं। यह दोनों हार्मोन्स हैप्पी हार्मोन होते हैं। यह हमें नींद आने में मदद करते हैं। इसलिए आपको खाना खाने के बाद थोड़ा थका हुआ महसूस हो सकता है। लेकिन यह पूरी तरह से नॉर्मल होता है।
लेकिन समस्या यह होती है कि बहुत सारे लोगों को खाना खाने के बाद भी बहुत से काम करने पड़ते हैं, जिस कारण उन्हें सोने का मन नहीं करता है लेकिन नींद आने की वजह से काम में भी मन नहीं लग पाता है। तो आज हम आपके लिए इस समस्या से बाहर आने के लिए आपके काम आने वाले दो हैक्स ले कर आए हैं। आइए जान लेते हैं।
भोजन के बाद नींद आने से कैसे बचें -
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आपको एक छोटी मील लेनी चाहिए और मील को आप कई हिस्सों में बांट सकते हैं। जितनी छोटी मील होगी कार्ब्स का इंटेक उतना ही कम होगा। इससे आपको और अधिक नींद आएगा लेकिन अगर आप अपना कार्ब्स का सेवन कम रखेंगे तो आपको नींद भी कम आयेगी।
ऐसी चीजों का सेवन करें जिनमें कार्ब्स की मात्रा कम होती है। अगर आप कार्ब्स का सेवन कर भी रहे हैं तो उन्हें कई चीजों में बांट लें जैसे सब्जी और रायता आदि को भी अपनी मील में जगह दें ताकि आपकी एक बैलेंस डाइट बन सके। इससे भी आपको काफी कम नींद आने में मदद मिलेगी। केवल 25% कार्ब्स की ही मात्रा डाइट में रखें।