उन्होंने कहा, 'महादेव के आशीर्वाद से मोदी 2014 में फिर 2019 में प्रधानमंत्री बने. इस साल भी मैं मंत्रों श्लोकों का जाप कर रहा हूं प्रार्थना के साथ विशेष पूजा कर रहा हूं कि भाजपा राज्य में सत्ता बरकरार रखे.' हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर एक 'शिवाला' है, न कि 'मोदी मंदिर'. मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रतिमा की पूजा नहीं होती है. पुजारी ने कहा, 'हम मोदी की मूर्ति की पूजा नहीं करते हैं, लेकिन इसे धूल से साफ करते हैं इसे हर दिन साफ करते हैं. मैंने हाल ही में मूर्ति पर एक ऊनी शॉल डाला है, जिससे मूर्ति ठंडी ना हो.'
कौशांबी के भगवानपुर बहुगरा गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंदिर बनाया गया है. दक्षिण भारत में जैसे लोग अपने चहेते नेता, अभिनेता के मंदिर बनाकर उन्हें पूजते हैं, कुछ वैसी ही पूजा मोदी की होती है. लोकसभा चुनाव से पहले इस मंदिर का निर्माण कराया गया था. नरेंद्र मोदी के देश के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा के बाद ही इस मंदिर का निर्माण कराया गया. तब से यहां कई प्रकार के अनुष्ठान हो चुके हैं.