* भारत के महान धावक मिल्खा सिंह का 18 जून 2021 को निधन हो गया. वे 91 साल के थे.
* वे पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हो गए थे. कोरोना के पीड़ित के निधन की खबर से पूरे देश में शोक का लहर है.
* कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिल्खा सिंह के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हमने एक महान खिलाड़ी को खो दिया है. भारतीयों के दिलों में मिल्खा सिंह के लिए खास जगह थी. उन्होंने लोगों को अपने व्यक्तिव से प्रेरित किया. मैं उनके निधन से मैं बहुत दुखी हूं.
* 1958 के टोक्यो एशियाई खेलों में मिल्खा सिंह ने 200 मीटर और 400 मीटर की दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया था.
* उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हालांकि 1960 के रोम ओलंपिक में था जिसमें वह 400 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे.
* उन्होंने 1956 और 1964 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्हें 1959 में पद्मश्री से नवाजा गया था.
* रोम ओलंपिक में मिल्खा सिंह ने 400 मीटर की दौड़ 45.73 सेकेंड में पूरी की थी, वे जर्मनी के एथलीट कार्ल कूफमैन से सेकेंड के सौवें हिस्से से पिछड़ गए थे लेकिन यह टाइमिंग अगले 40 सालों तक नेशनल रिकॉर्ड रहा.
* मिल्खा सिंह के जीवन पर 'भाग मिल्खा भाग' फिल्म भी बन चुकी है, जिसमें कि फरहान अख्तर ने उनका किरदार निभाया था. हालांकि मिल्खा सिंह ने कहा था कि फिल्म में उनकी संघर्ष की कहानी उतनी नहीं दिखाई गई है जितनी कि उन्होंने झेली है.
* मिल्खा सिंह के परिवार में उनके बेटे गोल्फर जीव मिल्खा सिंह और तीन बेटियां हैं. उड़न सिख के नाम से फेमस मिल्खा सिंह ने कभी भी हार नहीं मानी.
* मिल्खा कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. मिल्खा की प्रतिभा और रफ्तार का यह जलवा था कि उन्हें पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति फील्ड मार्शल अयूब खान ने उन्हें 'फ्लाइंग सिख' की उपाधि से नवाजा. इसके बाद से मिल्खा सिंह को पूरी दुनिया में 'फ्लाइंग सिख' के नाम से जाना जाने लगा.
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