सीसीएफ द्वारा गठित जांच दल ने नेपानगर पहुंचकर रेंजर मयंक पांडे और अन्य कर्मचारियों के लिए बयान, जल्द होगा बड़ा खुलासा, रेंजर के ऑडियो और डिप्टी के वीडियो साक्ष्य के आधार पर बुरहानपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष की उपस्थिति में हुई जांच

बुरहानपुर - नेपानगर वन परिक्षेत्र के गुलरपानी बिट कक्ष क्रमांक 223 में हुए बेजुबान वन्य प्राणी शिकार मामले का भोपाल तक पहुंचते ही वन विभाग महकमे में  हड़कंप मचा हुआ है आनन-फानन में डीएफओ प्रदीप मिश्र ने सीसीएफ को लिखा पत्र - खंडवा सीसीएफ महेंद्र सिंह सिसोदिया ने पत्र जारी कर नेपानगर रेंजर मयंक पांडे और डिप्टी रेंजर हमीद खान को नेपानगर रेंज से हटाया ताकि जांच को प्रभावित ना कर सके तो वही चार सदस्यों की टीम बनाकर वन्य प्राणी शिकार मामले की जांच हुई प्रारंभ जिसके चलते  मंगलवार 12 अक्टूबर को जांच टीम के सभी सदस्य नेपानगर उप वन मंडल कार्यालय पहुंचे जांच में 12:00 बजे से लेकर देर रात तक कथन और पूछताछ का सिलसिला जारी रहा जांच टीम नेपानगर एसडीओ कार्यालय के भीतर बैठी थी तो वहीं रेंजर मयंक पांडे अपने बंगले पर बैठकर जांच टीम द्वारा जिन अधिकारी कर्मचारियों को नोटिस देकर बयान देने बुलाया था उन सभी कर्मचारियों को बंगले पर समझाइश देते नजर आए 
 - अधिकारियों के सामने क्या बोलना है और क्या नहीं ❓
रेंजर मयंक पांडे को बुरहानपुर अटैच किया जाना एक दिखावा मात्र नजर आ रहा था जबकि रेंजर मयंक पांडे अपने बंगले पर बैठकर पूरी कार्यवाही में बाहर से हस्तक्षेप करते नजर आए  सारे कर्मचारियों को क्या बताना है क्या नहीं बताना है यह भी समझाते दिखाई दिए l बहरहाल यह देखने वाली बात होगी कि सीसीएफ स्तर पर जांच टीम गठित कर जॉच तो की जा रही है किंतु वह कितनी कारगर साबित होती है l क्या वन्य प्राणी शिकार जैसे संवेदनशील मामले में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम की कार्यवाही ना करते हुए शिकारियों से सांठगांठ करने वाले अधिकारियों पर गाज गिरती है या फिर जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दोषियों को अभय दान दिया जाएगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा❓

वन्यप्राणी शिकार मामले में वरिष्ठ स्तर पर गंभीरता दिखाते हुए उचित कार्रवाई की गई तो जिले में मिसाल बनेगी कार्रवाई -
  
यह बुरहानपुर जिले का पहला ऐसा मामला है जहां वन विभाग की बड़ी लापरवाही पत्रकारों द्वारा उजागर की गई है वन विभाग के नियम कानूनों की जानकारी अमूमन आम आदमी को नहीं होती ना ही आम आदमी जंगल  के भीतर जाता है जिसका फायदा उठाकर रेंजर और वन विभाग के कुछ भ्रष्ट कर्मचारी अपनी मनमानी करते हैं कहीं - जंगल कटवाते हैं तो कहीं वन्य प्राणियों के शिकार करवाते हैं लेकिन यह पहला अवसर है जब वन विभाग द्वारा बड़े स्तर पर इस तरह की कार्रवाई होती नजर आ रही है
इसके बाद पूरे बुरहानपुर वन मंडल क्षेत्र  की  8 रेंज के अधिकारी कर्मचारी कुछ भी गलत करने से पहले इस कार्यवाही के बारे में एक बार जरूर ध्यान करेंगे l

Post a Comment

Previous Post Next Post