एलर्जी टेस्ट एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके द्वारा यह डॉक्टर व्यक्ति के शरीर में एलर्जेन और एलर्जी पैदा करने वाले कारणों का पता लगाने की कोशिश करते हैं। साथ ही इस टेस्ट के जरिए शरीर में एलर्जी का स्तर जांच किया जाता है। हमें एलर्जी कई तरह से हो सकती है। कुछ लोगों को खाने-पीने से एलर्जी, धूल-मिट्टी के कण, मौसम में बदलाव इत्यादि कारणों से एलर्जी की शिकायत होती है।
कब कराना जरूरी है एलर्जी टेस्ट ?
अगर बार-बार किसी चीज से आपको एलर्जी महसूस हो रही है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। किसी भी व्यक्ति को एलर्जी तब प्रभावित करती है, जब उसका इम्यूनिटी पावर कमजोर होने लगता है। इसलिए एलर्जी के कुछ लक्षण दिखने पर तुरंत एलर्जी टेस्ट कराएं। जैसे-
● बार-बार छींक आना।
● सांस लेने में परेशानी महसूस होना।
● गले में खराश होना।
● स्किन में रैशेज और खुजली होना।
◆ आंखों से पानी आना।
● नाक बहना इत्यादि।
इस तरह के लक्षण दिखने पर अपना एलर्जी टेस्ट जरूर कराएं।
क्यों किया जाता है एलर्जी टेस्ट ?
आधुनिक समय में कई लोग एलर्जी की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख इनहेल्ड एलर्जेंस है, जिसके कारण कई लोगों को एलर्जी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे लोगों को खासकर तब सबसे ज्यादा परेशानी होती है, जब मौसम में परिवर्तन, हेव फीवर और आसपास पराग कण मौजूद होते हैं। इसके अलावा कई अन्य ऐसे कारण हैं, जिसकी वजह से व्यक्तियों को एलर्जी का सामना करना पड़ रहता है।
अस्थमा भी एक एलर्जी से जुड़ी बीमारी है। जब व्यक्ति में एलर्जी की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ने लगती है, तो यह धीरे-धीरे अस्थमा का रूप धारण कर लेती है। अस्थमा की वजह से हर साल कई लोगों की मौत हो रही है। इसलिए एलर्जिक टेस्ट करवाना बेहद जरूरी होता है। ताकि आप एलर्जी के कारणों का पता लगाकर उससे बच सकें। अपनी स्थिति को खराब होने से बचा सकें।
कितने तरह की होती है एलर्जी टेस्ट ?
एलर्जी टेस्ट मुख्य रूप से तीन तरह से किया जाता है। जिसमें स्किन एलर्जी टेस्ट, ब्लड टेस्ट और उन्मूलन आहार टेस्ट शामिल हैं।
स्किन एलर्जी टेस्ट
हमारे आसपास मौजूद अनेक तरह के संभावित एलर्जेन की पहचान के लिए स्किन एलर्जी टेस्ट किया जाता है। स्किन एलर्जी टेस्ट के दौरान तीन तरह के टेस्ट किए जा सकते हैं। स्क्रैच टेस्ट, इट्राडर्मल टेस्ट और पैच टेस्ट। इस सभी टेस्ट के माध्यम से एलर्जिक कारको का पता चलता है।
ब्लड टेस्ट
गंभीर रूप से एलर्जी होने की स्थिति में डॉक्टर आपको ब्लड टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। इस टेस्ट के जरिए शरीर में मौजूद विशिष्ट एलर्जेन से लड़ने वाले एंटीबॉडी की उपस्थिति का पता लगाने की कोशिश की जाती है।
उन्मूलन आहार
इसमें डॉक्टर आहार के माध्यम से पता लगाने की कोशिश करता है कि आपको किस तरह के खाद्य पदार्थों से एलर्जी है। इस टेस्ट में डॉक्टर आपको अपने डाइट में कुछ खाद्य पदार्थों को हटाने और शामिल करने की सलाह देते हैं।
एलर्जी टेस्ट का परिणाण का अर्थ
नेगेटिव रिजल्ट
ब्लड टेस्ट, स्किन एलर्जी टेस्ट या फिर उन्मूलन आहार में अगर नेगेटिव रिजल्ट आया है, तो इसका मतलब साफ है कि आपको एलर्जी की शिकायत नहीं है। खासतौर पर स्किन एलर्जी और उन्मूलन आहार टेस्ट में जिन चीजों का इस्तेमाल किया गया है, उससे आपको एलर्जी नहीं है।
पॉजिटिव रिजल्ट
पॉजिटिव रिजल्ट से साफ होता है कि आप टेस्ट के दौरान इस्तेमाल किए गए पदार्थों से एलर्जिक हैं। ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर के परामर्थ की आवश्यकता होती है।
ध्यान रखें कि एलर्जी होने पर आपको कई तरह के अलग-अलग लक्षण दिख सकते हैं। इसलिए हल्के-फुल्के लक्षणों को नजरअंदाज न करेँ। अगर आपको किसी भी चीज से एलर्जी महसूस हो रही है, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें और अपना एलर्जी टेस्ट जरूर कराएं।
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