क्या हैं मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण
◆ मुंह के कैंसर की शुरुआत मुंह के अंदर सफेद छाले या छोटे - मोटे घाव से होती है ।
लंबे समय तक अगर मुंह के भीतर सफेद धब्बा , घाव , छाला रहता है , तो आगे चलकर यह मुंह का कैंसर बन जाता है ।
◆ मुंह में दुर्गन्ध , आवाज बदलना , आवाज बैठ जाना , कुछ निगलने में तकलीफ होना , लार का अधिक या रक्त मिश्रित बहना जैसे लक्षण भी दिखते हैं ।
◆ धूम्रपान या नशा करने वाले को कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है । मुंह का कैंसर मुंह के भीतर जीभ , मसूड़ें , होंट कहीं भी हो सकता है ।
◆ इसमें घाव , सूजन , लाल रंग , खून निकलने , जलन , सन्नता , मुंह में दर्द आदि जैसे लक्षण देखने को मिलते है ।
किन लोगों को होता है ज्यादा खतरा ?
आमतौर पर मुंह का कैंसर कमजोर इम्यूनिटी के कारण होता है इसलिए किसी को भी हो सकता है ।
इसके अलावा मुंह की ठीक से सफाई न करने से भी लंबे समय में मुंह के रोग और फिर कैंसर हो सकता है । मगर फिर भी इसका सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है , जो तंबाकू या उससे जुड़ी चीजें जैसे- गुटखा , सुर्ती , जर्दा , पान , सुपारी , पान मसाला आदि खाते हैं ।
इसके अलावा बीड़ी , सिगरेट , गांजा , शराब , आदि का सेवन भी मुंह के कैंसर का कारण बनता है ।
मुंह के कैंसर से बचना है तो क्या करें ?
यदि मुंह , होंठों या जीभ पर किसी तरह का घाव या छाला बन जाए और शीघ्र ठीक नहीं हो रहा हो तो तुरन्त चिकित्सक को दिखाना चाहिए ।
यदि मुहं में होने वाले कैंसर का पता प्रथम चरण में ही चल जाए तो इसका निदान संभव है ।
इसमें देरी करने पर इसकी भयावहता बढ़ जाती है ।
इसके अलावा अगर कोई लक्षण नहीं भी दिखाई दें , फिर भी इन बातों का जरूर ध्यान रखें ।
● धूम्रपान एवं नशे का सेवन ना करें ।
दांतों और मुंह की नियमित दो बार अच्छी तरह सफाई करें ।
● दांतों मसूड़ों व मुंह के भीतर कोई भी बदलाव नजर आए तो तत्काल डॉक्टर से जांच करायें ।
● जंक फूड , प्रोसेस्ड फूड , कोल्ड ड्रिंक्स , डिब्बा बन्द चीजों का सेवन बन्द कर दें ।
● ताजे मौसमी फल , सब्जी , सलाद अवश्य खाएं । इन्हें अच्छे से धोकर उपयोग करें ।
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