लोकसभा उप निर्वाचन-2021,मस्जिदों, गिरिजाघरों, मंदिरों या पूजा के अन्य स्थानों का चुनाव प्रचार के लिये मंच के रूप में उपयोग नहीं किया जाये

बुरहानपुर 30 सितम्बर, 2021 - लोकसभा उप निर्वाचन हेतु आयोग द्वारा राजनैतिक दलों व अभ्यर्थियों के लिये जारी आदर्श आचरण संहिता के मुताबिक मस्जिदों, गिरिजाघरो, मंदिरांे या पूजा के अन्य स्थानों का चुनाव प्रचार के लिये मंच के रूप में उपयोग नही किया जाना चाहिये।
धार्मिक स्थानों का राजनैतिक उद्देश्य से दुरूपयोग रोकने के लिये धार्मिक संस्था (दुरूपयोग निवारण) अधिनियम 1988 लागू किया गया हैं। अधिनियम के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण सिंह ने संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर उक्त अधिनियम के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने हेतु निर्देशित किया है। 
उन्होंने निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि धार्मिक स्थलों का उपयोग राजनैतिक उद्देश्य से नहीं किया जाये। उक्त अधिनियम के अंतर्गत किसी धार्मिक संस्था का प्रयोग किसी राजनैतिक क्रियाकलाप का संप्रवर्तन या प्रचार हेतु वर्जित हैं। अधिनियम की धारा-5 के मुताबिक किसी धार्मिक संस्था की निधि या संपत्ति का उपयोग किसी राजनैतिक दल के फायदे के लिये या किसी राजनैतिक क्रियाकलाप के प्रयोजन के लिये अपराध हैं। 
अधिनियम की धारा-6 के मुताबिक किसी धार्मिक संस्था के तत्वाधान में आयोजित किसी समारोह, उत्सव, सत्संग, शोभायात्रा या सभा का उपयोग किसी राजनैतिक क्रियाकलाप के लिये नहीं किया जा सकता हैं। 
उक्त धाराओं का उल्लंघन अधिनियम की धारा-7 के मुताबिक पांच वर्ष के कारावास और रूपये दस हजार के जुर्माने से दंडनीय होगा। 
निर्वाचन अवधि में इस अधिनियम के उल्लघंन के प्रकरणों में तत्काल प्रथम सूचना प्रतिवेदन दर्ज कर कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को दिये गये है।  

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