साइखोम मीराबाई चानू (जन्म : 8 अगस्त 1994) एक भारतीय भारोत्तोलन खिलाड़ी हैं। २०२१ के टोक्यो ओलंपिक खेलों में इन्होंने ४९ किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता। [1] भारत के लिये भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली वे प्रथम महिला हैं। वह 2014 से नियमित रूप से 48 किग्रा श्रेणी की अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले रहीं हैं। चानू ने विश्व चैम्पियनशिप तथा राष्ट्रमण्डल खेलों में पदक जीते हैं। उन्हें खेल के क्षेत्र में योगदान के लिये भारत सरकार से पद्म श्री एवं राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिल चुका है।
मीराबाई चानू का जन्म 8 अगस्त 1994 को इंफाल, मणिपुर से 20 किमी दूर नोंगपोक काकचिंग गांव में हुआ था. वह अपने 6 भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं. उनका परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है. मीराबाई को आर्थिक तंगी के कारण अपने भाई सैखोम संतोम्बा मैतेई के साथ लकड़ियाँ लेने के लिए पहाड़ों पर जाना पड़ता था. इस दौरान उनकी उम्र महज 12 साल थी. उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही पूरी हुई।
चानू ने 2014 राष्ट्रमण्डल खेल में 48 किग्रा श्रेणी में रजत पदक जीता तथा गोल्ड कोस्ट में हुए 2018 संस्करण में विश्व कीर्तिमान के साथ स्वर्ण पदक जीता। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 2017 में अनाहाइम, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई विश्व भारोत्तोलन चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना था। चानू ने 24 जुलाई 2021 को ओलम्पिक में 49 किग्रा भारोत्तोलन मेंं भारत के लिए पहला रजत पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 87 kg भार उठाते हुए,क्लीन एंड जर्क में 115 kg सहित कुल 202 किलोग्राम वजन उठा कर रजत पदक पर कब्ज़ा किया । चानू ने टोक्यो ओलम्पिक 2020(2021) में भारत को पहला पदक दिलाकर पदक तालिका में खाता खोला। गौरतलब है कि सुश्री कर्णम मल्लेश्वरी (कांस्य पदक सिडनी ओलंपिक 2000) के बाद चानू वेटलिफ्टिंग मे पदक जीतने वाली दूसरी व भारत की ओर से रजत पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय वैटलिफ्टर बन गई है। चानू ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वयं के 186 kg रिकॉर्ड को तोड़कर नया कीर्तिमान 202 kg स्थापित किया। इन्होंने ग्लासगो में हुए 2014 राष्ट्रमण्डल खेलों में भारोत्तोलन स्पर्धा के 48 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक प्राप्त किया। उन्होंने कुल 170 किलो वजन उठाया, जिसमें 75 स्नैच में और 95 क्लीन एण्ड जर्क में था।इन्होंने ब्राज़ील के रियो डी जेनेरो में आयोजित २०१६ ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई किया, किंतु क्लीन एण्ड जर्क में तीनों प्रयास असफल रहने के बाद वह पदक जीतने में असफल रहीं। 2017 में उन्होंने महिला महिला 48 किग्रा श्रेणी में 194 किग्रा (85 किग्रा स्नैच तथा 109 किग्रा क्लीन एण्ड जर्क) का भार उठाकर 2017 विश्व भारोत्तोलन चैम्पियनशिप, अनाहाइम, कैलीफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्वर्ण पदक जीता। वह भारत में मणिपुर राज्य से हैं।
चानू ने 196 किग्रा, जिसमे 86 kg स्नैच में तथा 110 किग्रा क्लीन एण्ड जर्क में था, का वजन उठाकर भारत को 2018 राष्ट्रमण्डल खेलों का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने 48 किग्रा श्रेणी का राष्ट्रमण्डल खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
2018 राष्ट्रमण्डल खेलों में विश्व कीर्तिमान के साथ स्वर्ण जीतने पर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ₹15 लाख की नकद धनराशि देने की घोषणा की। 2018 में उन्हें भारत सरकार ने पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया। इन्हें २०१८ में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
टोक्यो ओलंपिक 2021 में सवर्ण पदक जीतने पर मणिपुर सरकार ने 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि एवं सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
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