खलनायिकी का बेताज़ बादशाह : अमज़द खान (गब्बरसिंह)....पुण्यतिथि विशेष

अमजद खान का जन्म 12 नवंबर, 1940 को हुआ था.
पिताजी का नाम ज़कारिया खान जिन्हें जयंत के नाम से भी जाना जाता है 
बांद्रा के सेंट टेरेसा स्कूल  से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद आर. डी. नेशनल कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. अपने कॉलेज के दिनों में वह छात्र संघ के जनरल सेक्रेटरी चुने गए थे. कॉलेज में उनकी दंबग छवि के कारण लोग उन्हें “दादा” कहकर पुकारते थे.

अमजद खान ने साल 1972 में शीला खान (Sheila Khan) से शादी की थी. उनके दो बेटे शादाब खान, सीमाब खान और एक बेटी एहलम खान हैं। शादाब ने कुछ फिल्मों में काम किया, लेकिन सफल नहीं हो सका।

फ़िल्मी परदे पर आने से पहले कई साल अमजद खान ने थिएटर में काम किया| कई साल थिएटर में काम करने के बाद सन 1951 में इन्होने अपनी पहली फिल्म नाजनीन के साथ सिनेमा जगत में कदम रखा, इस समय इनकी आयु महज 11 वर्ष कि थी|फिर 17 साल कि उम्र में इन्होने अपनी दूसरी फिल्म “अब दिल्ली दूर नहीं” कि थी, ये फिल्म 1957 में आई थी जिसे राज कपूर ने बनाया था | 

जिस दिन उनके बेटे शादाब का जन्म हुआ उसी दिन उन्होंने शोले फिल्म साइन की। उनका फिल्मी संघर्ष रंग लाया और अमजद फिल्म शोले के गब्बरसिंह के पर्याय बन गए। उनके संवादों का एलपी ग्रामोफोन रेकॉर्ड जारी हुआ था। 

अमजद खान को जब गब्बर सिंह के रोल के लिए कहा गया था उस वक्त वह केवल 35 साल के थे।

शुरुआत में 'गब्बर' के रोल के लिए एक्टर डैनी डेन्जोंगपा को चुना गया था, लेकिन उनके पास शूटिंग के लिए डेट ना होने के कारण इस रोल के लिए अमजद खान को अप्रोच किया गया, जिसके बाद ना सिर्फ उन्होंने 'गब्बर' के किरदार को बड़े पर्दे पर उतारा बल्कि उस किरदार को निभाते हुए इतिहास रच डाला।

अमजद खान ने अपने करियर में 130 फिल्में की थीं । उनका करियर करीब 20 साल लंबा रहा । अमजद के दो भाई इम्तियाज खान और इनायत खान भी एक्टर थे ।

उन्होंने कुछ फिल्मों में चरित्र और हास्य भूमिकाएँ अभिनीत की, जिनमें शतरंज के खिलाड़ी, दादा, कुरबानी, लव स्टोरी, याराना प्रमुख हैं। 

निर्देशक के रूप में भी उन्होंने हाथ आजमाए। चोर पुलिस (1983) और अमीर आदमी गरीब आदमी (1985) नामक दो फिल्में उन्होंने बनाईं, लेकिन इनकी असफलता के बाद उन्होंने फिर कभी फिल्म निर्देशित नहीं की। 

इन्होने अपने सबसे अच्छे दोस्त अमिताभ बच्चन के साथ कई फिल्मे कि, जिनमे ये कभी उनके दोस्त बनते, कभी दुश्मन तो कभी उनके पिता का भी किरदार निभाते|
शोले' के अलावा अमिताभ और अमजद खान ने साथ में दो दर्जन से ज्यादा मूवीज में काम किया। इनमें 'गंगा की सौगंध', 'कालिया', 'सत्ते पे सत्ता', 'लावारिश', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'याराना', 'नसीब' और मिस्टर नटवरलाल जैसी मूवीज शामिल हैं। 

साल 1986 में अमजद खान का मुंबई-गोवा रोड पर एक्सिडेंट हो गया था. इस एक्सिडेंट के बाद से ही अमजद खान का वजन बेहिसाब बढ़ने लगा.

अमजद खान चाय के भी बेहद शौकीन थे. दिन भर में पच्चीस-तीस कप चाय पीने के कारण भी उनका शरीर फैलता जा रहा था.

साल 1994 में 27 जुलाई की रात अमजद खान इस दुनिया से चले गए। अमजद हमेशा कहते थे कि 'मैं यूं ही 5 मिनट में चला जाऊंगा किसी को पता भी नहीं चलेगा और ना ही किसी से सेवा करवाऊंगा।'

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