विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य उन जानवरों और पेड़ों का संरक्षण करना है जो पृथ्वी के प्राकृतिक पर्यावरण से विलुप्त होने के कगार पर हैं.
यह दिवस स्थापित करता है कि स्वस्थ वातावरण, स्थायी और स्वस्थ मानव समाज का आधार है।
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए लोगों में जागरुकता पैदा करने के लिए विश्व संरक्षण दिवस मनाया जाता है।
प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण पृथ्वी की रक्षा के लिये महत्वपूर्ण है।
धरती पर जल, वायु, मिट्टी, खनिज, ऊर्जा, वनस्पति और जीव-जन्तु सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं और इनके संरक्षण से पृथ्वी की प्राकृतिक सुंदरता का संतुलन बनाया रखा जा सकता है।
यह दिवस आत्म निरीक्षण का अवसर देता है कि हम किस प्रकार प्रकृति का दोहन कर रहे हैं और इसके संरक्षण के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
भावी पीढि़यों के हित के लिए हमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और टिकाऊ प्रबंध सुनिश्चित करना होगा।
प्रकृति को कैसे बचाया जा सकता है ?
● यह तो मुमकिन नहीं है की हम अपने प्रकृति को पहले जैसा कर सकते है पर हम प्रयास करेंगे तब हमारे प्रयास से जो अभी मौजूद है वो बच सकता है और और इसमें थोड़े बहुत तो सुधार कर ही सकते हैं। नीचे कुछ बातें लिखे है जिसे हम अपने जीवन में हर रोज फॉलो करना होगा और यह सिर्फ कुछ लोगों को करने से नहीं होगा इसके लिए हम सबको यह प्रयास करना चाहिए।
● जनसंख्या पर नियंत्रण: वर्तमान पीढ़ी को 2 बच्चे ही रखने चाहिए जिससे की जनसंख्या नियंत्रण काफी हद तक हो सकता है और इसके लिए लोगों को खुद जागरूक होना पड़ेगा।
● जल का संरक्षण करें। पानी का दुरुपयोग करना बंद करें, जहां भी पानी बर्बाद हो रहा हो, उसे रोकें। नहाने के लिए, सफाई के लिए, गाड़ियां धोने के लिए बहुत ज्यादा पानी का इस्तेमाल न करें।
● ऊर्जा संरक्षण के लिए बिजली की बचत करें। काम होते ही बिजली के उपकरण बंद कर दें। गर्मी के दिनों में रात में कमरा ठंडा हो जाने पर एसी बंद भी कर सकते हैं। बिजली के साथ आपका बिजली बिल भी बचेगा।
● पेड़-पौधे हमारे लिए कितने जरूरी हैं, यह तो आप जानते ही हैं। इसलिए घरों और सार्वजनिक जगहों पर पेड़ जरूर लगाएं। उपहार स्वरूप पौधा देने की परंपरा शुरू कर सकते हैं। लोग ऐसी शुरुआत कर भी चुके हैं, जिसे बड़े पैमाने पर अपनाए जाने की जरूरत है।
● बागवानी करें। खुद सब्जियां उगाएं। बाजार में मिल रही सब्जियां कीटनाशक और रसायनों का इस्तेमाल कर उगाई जाती हैं। ये रसायन पर्यावरण के लिए और ऐसी सब्जियां आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं।
● ऐसी चीजों को खरीदें, जिसका दोबारा इस्तेमाल किया जा सके और साथ ही वे प्रकृति में खुद से सड़-गल जाते हों। जैसे- पॉलीथिन की जगह कागज या जूट के बैग।
● गंदगी न फैलाएं, इधर-उधर कूड़ा फेंकने की बजाय कूड़ेदान में फेंकें। संभव हो तो खुद ही जैविक कचरों की कम्पोस्टिंग करे। गंदगी नहीं होने से बीमारियां नहीं फैलेगी और कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल खेतों में या बागवानी में किया जा सकेगा।
● धूम्रपान न करें। यह आपके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है और पर्यावरण के लिए भी।
● वायु प्रदूषण कम से कम हो, इसके लिए वाहनों का कम इस्तेमाल करें।
● कम दूरियों के लिए साईकिल का प्रयोग करें। इसे अपनी आदत बना लें।